फेसबुक पर लड़कियों से दोस्ती के लिए क्या-क्या करते हैं लड़के

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फेसबुक पर फेक अकांउट बनाकर लड़कियों से आंख मूंद कर दोस्‍ती करना और बगैर वेरिफाई किए बातें करना आम है। खासकर आधुनिक व हॉट दिखने वाली लड़कियों की तस्वीर देख लड़के फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने की होड़ लगा देते हैं। लेकिन, क्‍या आप जानते हैं कि ऐसी प्रोफाइल नकली भी हो सकती है।

लड़के फेसबुक फ्रेंड को लड़की समझ रोमांटिक बातें करते हैं, जबकि कई मामलों में सामने वाला भी लड़का ही होता है। वह भी लड़की के नाम से फेक प्रोफाइल बनाकर लड़कियों से दोस्ती की फिराक में रहता है। लड़कों की इस प्रवृत्ति का पता लगाने के लिए हमने बिहार की राजधानी पटना सहित कई बड़े शहरों में फेसबुक पर ही सर्वे किया। इसमें लड़कों व लड़कियों ने आपबीती शेयर की। आप भी जानिए और रहिए अलर्ट।

दो घंटे में आए 50 रिक्वेस्ट
पटना विवि के अनुभव शर्मा स्वीकार करते हैं कि उन्होंने लड़कियों से दोस्ती करने के लिए सुप्रिया नाम से फेक अकाउंट बनाया। उनके अनुसार अकाउंट बनाने के दो घंटे के भीतर ही 50 से अधिक लड़कों के फ्रेंड रिक्वेस्ट आ गए। इनमें से 10 लड़कों के रिक्वेस्ट को स्वीकार किया तो उन्होंने प्रोफाइल पिक्चर की तारीफ शुरू कर दी।

डेट पर बुलाया, किया शादी के लिए प्रपोज
अनुभव शर्मा की तरह ही लड़की के नाम पर फेक अकांउट बनाने वाले नीरज बताते हैं, ‘लड़कियों के नाम पर आए कुछ फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकर किया। इसमें से करीब एक दर्जन से चैटिंग होने लगी।’ वे बताते हैं, ‘बात बढ़ी तो करीब आधा दर्जन ने मुझे लड़की समझ खुद का लड़का होना स्वीकार कर लिया। दो डेट पर बुलाया तो एक ने सीधे शादी के लिए प्रपोज कर दिया।’

फेक निकला अकाउंट
पटना के शुभम दिल्ली में बीटेक कर रहे हैं। वे बताते हैं, ‘फेसबुक पर एक हॉट लड़की से दोस्ती की, लेकिन वह एक लड़के का फेक अकाउंट निकला।

सच्चाई बताई तो सुनी गाली
भागलपुर के राजेश बताते हैं कि जब लड़की के नाम पर उनके फेक अकाउंट पर लड़के रोमांटिक बाते करने लगे तो उन्होंने सच्चाई बता दी। इसके बाद कई ने तत्काल अनफ्रेंड कर दिया तो कई गाली-गलौज पर उतर आए।

सेक्स तक पहुंच गईं रोमांटिक बातें
बिहार के मुजफ्फरपुर की रहने वाली व मुंबई में डॉक्टर सौम्या रॉय कहती हैं कि उन्होंने एक लड़की से दोस्ती की। उससे फेसबुक पर चैटिंग होने लगी। एक दिन नाराज न होने के निवेदन के साथ उसने खुद को लड़का बताया और रोमेंटिक मूड से शुरू होते हुए सेक्स तक पहुंच गया।

असली-नकली में फर्क मुश्किल
पटना निवासी आइटी प्रोफेशनल व पुणे की एक प्रतिष्ठित कंपनी में कार्यरत अनन्या कहती हैं कि फेसबुक पर फेक अकाउंट की भरमार है। ऐसे में असली-नकली का फर्क मुश्किल होता है। बेहतर यही है कि हम अनजान या संदिग्ध लोगों से दूर रहें। वे बताती हैं कि उनके पास सप्ताह में 250 तक फ्रेंड रिक्वेस्ट आते हैं, लेकिन वे इन्हें नजरअंदाज करती हैं।

 

अपराध है फेक अकाउंट बनाना
एक बात जो सामने आई, वह यह फेक अकाउंट बनाने वाले हर समामजिक पृष्ठभूमि से थे। सबों की इच्छा लड़कियों से मेलजोल बढ़ाने की थी। लेकिन, इस होड़ में वे फेक अकाउंट बनाने के गैरकानूनी काम में लिप्त थे। खास बात यह कि फेसबुक पर फेक अकाउंट बनाकर किसी को धोखा देना अपराध है, इसकी जानकारी अधिकांश को नहीं थी।

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