प्रदेश को इंतजार : चर्चित हत्याकांड के 6 साल 10 महीने 11 दिन बाद आज कोर्ट ने 72 टुकड़े करने वाले पति को दोषी करार दिया।

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  • 6 साल 10 महीने 11 दिन बाद आज कोर्ट ने 72 टुकड़े करने वाले पति को दोषी करार
  • राजेश ने मुंह पर तकिया रखकर की उसकी हत्या
  • अनुपमा के भाई को शक हुआ और उसने पुलिस में की शिकायत 

देहरादून: दून के बहुचर्चित अनुपमा गुलाटी हत्याकांड में 31 अगस्त यानि आज एक अहम फैसला आरोपी राजेश गुलाटी को देहरादून अपर जिला जज ने मामलें 302, ओर 201 में दोषी करार दिया है। अब कल यानी 1 सितम्बर को इस मामलें में सजा सुनाई जाएगी।अदालत के फैसले का अनुपमा के पीड़ित परिवार को इंतजार है। सभी की निगाहें कल कोर्ट इस जघन्य अपराध में क्या सजा सुनता हैं। गौरतलब हैं कि हत्या के चार माह की विवेचना के बाद 10 मार्च 2011 को कैंट पुलिस ने राजेश को हत्या का आरोपी बताते हुए अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। आरोप पत्र में पुलिस ने बताया था कि अनुपमा और राजेश में अक्सर झगड़ा होता था। 17 अक्टूबर 2010 की रात भी दोनों में मारपीट हुई। इस दौरान अनुपमा के सिर पर बेड का कोना लग गया और वह बेहोश हो गई। इसके बाद राजेश ने मुंह पर तकिया रखकर उसकी हत्या कर दी। क्या है मामला अनुपमा गुलाटी की हत्या 2010 में उसी के पति राजेश गुलाटी ने की दी। इस हत्याकांड का खुलासा 12 दिसंबर 2010 को हुआ था। अनुपमा के पति ने उसकी हत्या कर दी और शव को 2 माह तक फ्रीजर में छुपाये रखा। इसके बाद स्टोन कटर,आरी और मशीन से अनुपमा के 72 टुकड़े किये और मसूरी रोड पर ठिकाने लगाने लगा। जब 2 माह तक संपर्क नहीं हुआ तो अनुपमा की छोटी बहन को शक हुआ और उसने पुलिस को घटना की जानकारी दी। फ्रीजर में छुपा रखे थे लाश के टुकड़े पुलिस ने घर की तलाश की तो फ्रीजर में लाश के टुकड़े मिले। अनुपमा ने अपने परिवार की मर्ज़ी के ख़िलाफ राजेश से लव मैरिज की थी। लेकिन कुछ दिन बाद ही दोनों में झगड़ा होने लगा था। 10 अक्टूबर 2010 को फिर से दोनों में झगड़ा हुआ और उसके बाद राजेश ने अनुपमा की हत्या कर दी थी। 12 दिसबंर 2010 से देहरादून की जेल में बंद है आरोपी पति राजेश गुलाटी अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 42 गवाह पेश किए जा चुके हैं। जिसमें राजेश की महिला मित्र और उसके घर पर काम करने वाली दो नौकरानी भी शामिल रहीं। हालांकि केस में 2 गवाह बाद मुकर गए करीब दो महीने बाद हुआ था हत्याकांड का खुलासा 2 महीने तक बहन से संपर्क ना होने पर अनुपमा के भाई को शक हुआ और उसने पुलिस में शिकायत की। शिकायत के बाद राजेश के घर की तलाशी लेने पर डीप फ्रीजर में अनुपमा के टुकड़े रखे मिले। जिन्हें वो मौका मिलने पर धीरे-धीरे ठिकाने लगा रहा था। उधर इस चर्चित हत्याकांड के 6 साल 10 महीने 11 दिन बाद आज कोर्ट ने आरोपी पति राजेश गुलाटी को इस जघन्य हत्याकांड का दोषी करार दिया। जिसको लेकर पीड़ित पक्ष के वकील संतुष्ट हैं और उनका मानना है की लंबी कानूनी लड़ाई के उन्हें उम्मीद हैं कि कल हत्यारोपी राजेश गुलाटी को फाँसी या उम्र कैद की सजा सुनाई जा सकती हैं। वही मृतिका अनुपमा गुलाटी के परिवार वालों का भी कहना हैं कि उन्होंने भी इस मामलें में लम्बी कानूनी प्रक्रिया को बमुश्किल पूरा किया हैं। उन्हें भी जिस तरह से इंसाफ की उम्मीद थी ,उसी के चलते जिस तरह से मामलें के आरोपी राजेश को कोर्ट द्वारा दोषी करार दिया है वह एक जघन्य हत्याकांड का न्याय हैं।

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