उत्तराखंडः गढ़वाल में हाहाकार,ऊफान पर आए गधेरे में छात्र समेत 2 बहे

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उत्तराखंड: उत्तराखंड में तूफानी बारिश ने बाशिंदों का दम निकाल दिया है। पूरे गढ़वाल में बारिश से हाहाकार है। कहीं सड़कें बंद हैं तो कहीं सड़कों पर चलना खतरे से कम नहीं,बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बीआरओ की टीम ने गुल्यांगांव में खोल दिया गया है। लेकिन तोताघाटी और ब्रह्मपुरी में अभी भी आवागमन बंद है। इन रास्तों पर राहत कार्य जारी है। 

 

बात करें उत्तरकाशी जनपद के बड़कोट की। यमुनोत्री राजमार्ग जगह-जगह रात्रि से बंद है। बारिश हो रही हैं, और राजमार्ग खोलने के प्रयास किए जा रहे है. श्रीनगर गढ़वाल और सतपुली के बीच कोटद्वार रोड खोल दिया गया है। लेकिन भारी बारिश और भूस्‍खलन के चलते कई स्‍थानों पर अभी भी आवागमन बाधित है। rain in uttarakhand

 

कर्णप्रयाग में बीती रात से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते बद्रीनाथ ऋषिकेश राष्ट्रिय राजमार्ग गौचर ITBP के पास पहाड़ी से मलवा आने से बंद है। सड़क के दोनों ओर लगी वाहनों की लंबी कतारे। ये मार्ग है पौड़ी जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर डूंगरी-परसुंडाखाल की। यहां भी मार्ग अवरुद्घ है। 
 वहीँ दूसरी और गधेरों का जल उफान पर है जिसमे कि अब तक कई जाने चली गयी हैं  –
पहाड़ों से लेकर मैदानों तक लगातार हो रही बारिश मुसीबत का सबब बन गई है। शुक्रवार को बागेश्वर जिले में एक छात्र समेत दो लोग गधेरों में बह गए तो मलबा आने से पिथौरागढ़-तवाघाट एनएच समेत कई सड़कें बंद हो गईं। नदियों के उफान पर आने से शक्तिफार्म इलाके में बाढ़ जैसे हालात हो गए।

उधर कोसी का पानी ढेला नदी में छोड़े जाने से काशीपुर में नदी तट पर रह रहे लोगों को रात छतों पर गुजारनी पड़ी। इधर नंधौर वैली में नंधौर और कैलाश नदी के बीच टापू में बृहस्पतिवार से फंसे 20 लोग शुक्रवार सुबह नदी का जलस्तर कम होने पर सकुशल निकाल लिए गए हैं।

वहीं मौसम विभाग की अगले 72 घंटों में पिथौरागढ़ समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत, अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों में पांच अगस्त को कक्षा एक से 12 तक के सरकारी, गैर सरकारी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। जिला अधिकारियों ने इस आशय के आदेश जारी किए हैं। 

मलबा ग‌िरने से कई रास्तें बंद

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