उत्तराखंड,घनसाली : लोकतंत्र में किसी निर्वाचित सरकार के लिए इससे बुरी और शर्मनाक खबर क्या हो सकती है

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लोकतंत्र में किसी निर्वाचित सरकार के लिए इससे इससे बुरी और शर्मनाक खबर क्या हो सकती है कि जनप्रतिनिधियो के चुने जाने के बावजूद जनता को ही क्षेत्र की बेहतरी के लिए मोर्चा खोलना पड़े। जी हां  जिला टिहरी गढ़वाल के राजकीय  इंटर कॉलेज अखोडी में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों ने भूखहड़ताल का ऐलान कर दिया है।
शिक्षा विभाग और सरकार का माँडल स्कूल का सपना राजकीय इंटर कॉलेज अखोडी में अधूरा रहा गया है ! प्रधानाचार्य और जीवविज्ञान प्रवक्ता पिछले काफी समय से छुटियाँ खत्म होने के बावजूद भी नदारद चल रहे थे ! 10 शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं, जिससे विधालय शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो राखी है !
वंही प्रिंसिपल ने अपनी माता जी की बिमारी और खुद के पेर पर चोट लगने का हवाला देकर पला झाड दिया !
दरअसल 520 छात्र-छात्राओँ वाले राजकीय  इंटर कॉलेज अखोडी को माँडल स्कूल का सपना तो दिखा दिया ! और उम्मीद जताई गई थी कि, अब इलाके के नौनिहाल क्षेत्र में अच्छी शिक्षा हासिल कर लेंगे। अभिभावकों को बच्चों को घर से दूर नहीं भेजना पड़ेगा लेकिन उनकी उम्मीद 1 साल बाद भी पूरी नहीं हो पाई। लिहाजा सरकारी रवैए के खिलाफ अभिभावकों ने स्कूल में तालाबन्धी और  महापंचाय के बड़े फैसले के तहत सड़क पर उतरने का ऐलान कर दिया है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी टिहरी दिनेश चंद्र गौड़ ने  बताया कि नदारद चल रहे प्रधानाचार्य के खिलाफ विभागीय कार्रवाई गतिमान है। प्रिंसिपल को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है नोटिस के जवाब आने के बाद ही कार्यवाही की जायेगी । प्रिंसिपल का ट्रांसफर करना मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है में विभाग से सिफारिश कर सकता हूँ  ।
 जीवविज्ञान के अध्यापक अनुपस्थित होने की सूचना नहीं मिली है। अगर ऐसा है तो कार्रवाई की जाएगी। रिक्त चल रहे अध्यापकों के पदों पर एल टी  के लिए  काउंसिलिंग चल रही है। एक सप्ताह में दो-तीन शिक्षकों की तैनाती विद्यालय में होनी है!
 व्यवस्था पटरी पर उतरी तो ठीक, वरना अध्यापकों की तैनाती को लेकर क्षेत्र की जनता बगावत का बिगुल बजा देगी। सरकार के खिलाफ जनता ने बगावत की तारीख मुकर्रर कर दी है। अगस्त प्रथम सप्ताह को क्षेत्र की जनता राजकीय  इंटर कॉलेज अखोडी मे तालाबन्धी कर देगी।
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