अपनी समस्याओं के समाधान के लिए विधानसभा और सचिवालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे

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उत्तराखंड में आम जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए विधानसभा और सचिवालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। प्रदेश के मंत्रियों को विधानसभा में दो दिन बैठना अनिवार्य कर दिया गया है। कैबिनेट की बैठक में ये निर्णय लिया गया, जिससे प्रदेश के दूर-दराज से आने वाले लोगों को अपने कामकाज के लिए मंत्रियों का इंतजार न करना पड़े। सभी मंत्री बुधवार और वृहस्पतिवार को विधानसभा में बैठेंगे। इसके साथ ही कैबिनेट की बैठक में कई और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें जीएसटी को देखते हुए वाणिज्यकर विभाग को राज्यकर विभाग में समायोजित किया गया है। इसके साथ ही मनोरंजन कर विभाग के कर्मियों को राज्य कर विभाग में समायोजित करने का कैबिनेट ने फैसला किया है। उत्तराखंड सड़क सुरक्षा नियमावली में बदलाव कर कैबिनेट ने सड़क सुरक्षा कोष को अपनी मंजूरी दी। मध्यान भोजन अक्षय पात्र योजना के लिए देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और उधमसिंहनगर जिलों को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। मध्यान भोजन अक्षय पात्र योजना के तहत इन चार जिलों के 3729 विधालय के करीब साढ़े तीन लाख छात्रों को पौष्टिक अहार मिलेगा। कैबिनेट ने ऋषिकेश-देवप्रयाग राजमार्ग पर ऋषिकेश से कौड़ियाला तक एक किमी क्षेत्र को हरिद्वार विकास प्राधिकरण से जोड़ने का फैसला किया है। राज्य खाद्य योजना के मूल्य मई 2017 से लागू करने पर भी सहमति बनी। इसके साथ ही सराय एक्ट के तहत होने वाले राजिस्ट्रेशन को अब उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद में करने पर कैबिनेट की मंजूरी मिली है।

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