बेटियों का भविष्य संवारने को जब DM की पत्नी बन गईं शिक्षक

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रुद्रप्रयाग: जिले का हाकिम समाज के प्रति कितना संवेदनशील हो सकता है, इसकी बानगी देखनी है तो रुद्रप्रयाग चले आइए। जिले के सरकारी विद्यालयों की दशा से व्यथित डीएम मंगेश घिल्डियाल अपनी रुद्रप्रयाग पोस्टिंग के बाद से ही न केवल जिले के 30 से अधिक विद्यालयों का निरीक्षण कर चुके हैं, बल्कि वे विद्यालयों में एक-एक घंटे छात्रों से संवाद और उनके विषयों पर चर्चा भी करते हैं। अब तो उनकी पत्नी उषा घिल्डियाल भी पति के नक्शेकदम पर चलते हुए इन दिनों जिला मुख्यालय के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में छात्राओं को निश्शुल्क विज्ञान विषय पढ़ा रही हैं।

असल में पिछले दिनों डीएम मंगेश घिल्डियाल ने राबाइंका रुद्रप्रयाग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने देखा कि विद्यालय में शिक्षक न होने से छात्राओं की शिक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इससे छात्राएं काफी परेशान हैं। उन्हें बताया गया कि कॉलेज में शिक्षकों के नौ पद रिक्त चल रहे हैं।

ऐसे में 11वीं व 12वीं की छात्राओं ने अन्यत्र प्रवेश ले लिया है। डीएम इससे बेहद व्यथित हुए और घर आकर पत्नी उषा से विद्यालय की दुर्दशा पर चर्चा की। साथ ही पत्नी से छात्राओं को पढ़ाने की गुजारिश भी की। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उषा ने नवीं व 10वीं कक्षा में विज्ञान विषय पढ़ाने पर तत्काल सहमति दे दी।

बीते शनिवार से वह सुबह नौ बजे विद्यालय आकर से 11 बजे तक दो वादन पढ़ा रही हैं। उषा गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर से उच्च शिक्षित हैं।

डीएम घिल्डियाल ने इस संबंध में किसी को कुछ भी बताने से मना किया था, लेकिन सामाजिक सरोकार भी भला कहीं छिप पाते हैं। सो, यह बात भी हवा की तरह चारों दिशाओं में फैल गई। विद्यालय की प्रधानाचार्य ममता नौटियाल ने बताया कि डीएम की पत्नी उषा घिल्डियाल नवीं व दसवीं कक्षा की छात्राओं को विज्ञान विषय पढ़ा रही हैं।

बीते शनिवार से उन्होंने कक्षाएं लेना शुरू किया है। डीएम घिल्डियाल व उनकी पत्नी के समाज के लिए किए जा रहे कार्यों की सर्वत्र प्रशंसा हो रही है।

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