जर्जर छत के साये में खौफजदा 61 नौनिहाल, नन्हें बच्चों का CM को पत्र-मुख्यमंत्री जी हमारी जान को खतरा है !

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केदारघाटी

बारिश की बूँदे पड़ते ही रूद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार संकुल के राजकीय प्राथमिक विद्यालय बष्टी के नन्हे नौनिहाल डर से काँप उठते है। दस्तक की टीम जब विद्यालय पहुँची तो बच्चो ने अपनी परेशानी बतायी और मुख्यमंत्री तक बात पहुँचाने को कहा। बच्चो ने मिलकर पत्र लिखा और दस्तक को सौंपा।

दो साल पूर्व भारी बारिश से विद्यालय भवन क्षतिग्रस्त हो गया था। हल्की बरसात से ही जर्जर भवन की दीवार टूट कर गिर गयी, भाग्यवश उस दिन अवकाश होने से कोई हादसा तो नही हुआ, लेकिन अनहोनी की आशंका आज भी बनी हुई है। इस बार फिर से बरसात सिर पर है, डर और खौफ के साये में पढ़ रहे बच्चो के साथ अध्यापक और अभिभावक भी चिन्ताग्रस्त है। चिन्ता वाजिब है, आखिर जीवन से जुड़ा सवाल है।

एक ओर सरकार जहाँ जोर-शोर से सरकारी स्कूलो का स्तर सुधारने के लिऐ तरह-तरह के प्रयोग कर रही, वहीं रूद्रप्रयाग जिले के सबसे बड़े प्राथमिक विद्यालयो में शुमार होने वाले प्रावि बष्टी के लिए सरकार की कोई सहानुभूति नजर नही आती है। इसका खामियाजा ये हुआ कि गाँव के कई अभिभावको ने अपने पाल्यो को डर और खौफ के साये में पढ़ाने के बजाय प्राईवेट स्कूल में भेजना सुरक्षित लगा। विद्यालय और अभिभावक संघ ने कई बार इस बाबत पत्र व्यवहार भी किया, लेकिन आज तक आश्वसनो के सिवाय कुछ नही मिला।

बच्चों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि स्कूल भवन की समय रहते मरम्मत की जाय। ताकि वे सुरक्षित पढ़ाई कर सकें।

 

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