टिहरी,हाईकोर्ट की फटकार, DM के सामने जनसुनवाई और नगर पंचायत द्वारा दो करोड़ से ऊपर लगाए गए ठिकाने ।

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हाईकोर्ट की फटकार, DM के सामने जनसुनवाई और नगर पंचायत द्वारा दो करोड़ से ऊपर लगाए गए  ठिकाने ।

हाईकोर्ट की फटकार के बाद नगर निकायों के परिसीमन को लेकर सरकार को बैकफुट पर आकर जनसुनवाई का मौका मिला जनता इस फैसले से से काफी खुश है जनता को अपना पक्ष रखने का मौका मिला इसी क्रम में जिला प्रशासन ने टिहरी जिले के अंतर्गत जहां ग्रामीणों का विरोध नगर पंचायत और नगर पालिका में शामिल करने का था वहां की जनता ने अपना पक्ष प्रशासन के सामने रखा हालांकि देखने वाली बात यह होगी किस जनसुनवाई में जनता का कितना पक्ष वास्तविक रूप से रखा जाता है जनता मानती है कि नगर निकायों में योजनाओं में धन की बंदरबाट होती है और बेहिसाब बेतरतीब तरीके से निर्माण कार्य को अंजाम दिया जाता है इसी का एक उदाहरण नगर पंचायत चंबा के अंतर्गत देखने को मिला यहां दो करोड़ 2500000 रुपए किस तरह से किस किस तरीके से ठिकाने लगाए गए देखा जा सकता है पार्किंग के नाम पर ऐसी जगह पार्किंग खड़ी कर दी गई जहां एक भी वाहन पार्किंग नहीं किया जा सकता इन पार्किंगों का निर्माण धन को ठिकाने लगाने के लिए किया गया,
ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का मानना है कि गांव को गांव ही रहने दे दिया जाए क्योंकि गांव के विकास कार्य को गांव के लोग ही भली-भांति कर सकते हैं।
नगर पालिका चंबा की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है और इस बार पार्किंग के नाम पर लाखों के भ्रष्टाचार का मामला सामने आया  है..जी हां चंबा में जाम की समस्या से निपटने के लिए पालिका द्वारा लाखों की लागत से 5 पार्किंग का निर्माण कराया गया लेकिन उनमें से तीन पार्किंग में वाहनों के जाने के लिए रास्ता ही नहीं बनाया गया जिससे आज तक इन पार्किंग का उपयोग नहीं हो पा रहा है…स्थानीय लोगों का मानना है कि पालिका द्वारा पार्किंग के नाम पर सिर्फ पैसों को ठिकाने लगाया गया वहीं जब इस बाबत पालिकाध्यक्ष से पूछा गया तो वो बजट पूरा नहीं होने का रोना रोते रहे जिस कारण पार्किंग का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है।

 

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