UN में भारत का सबसे आव्हान- तालिबान-अलकायदा-लश्कर पर बिना सफाई दिए कार्रवाई हो

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वॉशिंगटन. यूनाइटेड नेशंस (यूएन) में भारत ने दो टूक कहा है कि तालिबान, हक्कानी नेटवर्क, अल-कायदा, दाएश, लश्कर-ए-तैयबा जैश-ए-मोहम्मद समेत तमाम आतंकी गुटों पर बगैर सफाई दिए कार्रवाई की जानी चाहिए। यूएन में भारत के परमानेंट रिप्रेजेंटेटिव अकबरउद्दीन ने कहा कि इंटरनेशनल कम्युनिटी की सबसे अहम ड्यूटी है कि वो तय करे कि आतंकियों को कहीं भी किसी भी स्तर पर सुरक्षित पनाह न मिल सके। अच्छे ओर बुरे आतंकवाद में भेद न करें…

अकबरउद्दीन ने कहा कि हमें अच्छे और बुरे आतंकवाद में भेद नहीं करना चाहिए। या हमें एक आतंकी गुट का दूसरे के खिलाफ इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
– उन्होंने सवाल किया कि अफगानिस्तान में सरकार के खिलाफ लड़ने वालों को हथियार, गोला-बारूद, ट्रेनिंग और फंडिंग कहां से मिल रहे हैं?
– बता दें कि पाकिस्तान अफगानिस्तान के खिलाफ आतंकी गुटों का इस्तेमाल करता रहा है।
– अमेरिकी की ओर से कई बार दबाव बनाने के बाद भी वह पाकिस्तानी तालिबान और हक्कानी गुट पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सका है।
PAK से कहा था- जैसा बोओगे, वैसा काटोगे
– अकबरुद्दीन ने पिछले साल यूएन में फारसी शायर रूमी की लाइनों का जिक्र करते हुए पाकिस्तान से कहा, “तुम जैसा बोओगे, वैसा ही काटोगे। मेरे दोस्त, आपके पास जरा सी भी अक्ल है तो सिर्फ अमन का बीज बोएं।”
– उन्होंने कहा, “अफगानिस्तान में शांति स्थापित करनी है, तो उसके पड़ोसी देश को उन ग्रुपों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराने से इनकार करना होगा, जो आतंक फैला रहे हैं।”
– चीन पर तंज कसते हुए उन्होंने यूएन में आतंकवाद जैसे मुद्दे के खिलाफ कदम उठाने पर ‘अलगाव’ को भी जिम्मेदार ठहराया।
बुरहान का मुद्दा उठाने पर भी लगाई थी पाक को फटकार
– पिछले साल पाकिस्तान की डिप्लोमैट मलीहा लोधी ने यूएन में आतंकी बुरहान वानी को ‘कश्मीरी नेता’ और उसकी मौत को ‘गैर कानूनी’ बताया था।
– इस पर अकबरुद्दीन ने कहा, ‘भारत में पाकिस्तान आतंकियों की घुसपैठ करा रहा है। साथ ही, आतंकी संगठनों को मदद दे रहा है और कश्मीर घाटी में असंतोष को हवा भी दे रहा है।’
– उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान हर बार यूएन के प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल करता है। पाकिस्तान की स्वार्थी कोशिशों को यूएन में या किसी दूसरे प्लेटफॉर्म पर कोई समर्थन नहीं मिलेगा।’
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