दून शहर को नया स्वरूप देने के लिए स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव पास

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दून शहर को नया स्वरूप देने के लिए स्मार्ट सिटी के प्रस्ताव में कई नए फीचर जोडे़ गए हैं। इसमें शहर को हरा-भरा और सुरक्षित बनाने के कई उपाय किए गए हैं। सचिवालय में बृहस्पतिवार को इस प्रस्ताव का प्रस्तुतीकरण किया गया। इस प्रस्ताव को शुक्रवार को केंद्र सरकार के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।दून के मेयर विनोद चमोली और मुख्य सचिव एस.रामास्वामी के सामने सचिवालय में स्मार्ट सिटी के नए प्रस्ताव का प्रस्तुतीकरण दिया गया। इस मौके पर आयोजित बैठक में देहरादून शहर को यातायात जाम और प्रदूषण मुक्त बनाये जाने पर चर्चा की गई। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि सुचारु आवागमन के लिए शहर में इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी।

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बसें जीपीएस से जुड़ी होंगी और उनमें वाई-फाई सुविधा होगी। बसों के आवागमन की जानकारी देने के लिए टच स्क्रीन कियोस्क युक्त बस स्टाप होगा। ई.रिक्शा चलेंगे। पलटन बाजार में पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ बनेगा। तहसील चौक पर 600 गाड़ियों और एस्लेहाल पर 200 गाड़ियों के लिए मल्टी लेवल पार्किंग की व्यवस्था होगी। भीड-भाड़ वाले करनपुर से सर्वे चौक तक पार्किंग और फुटपाथ सुविधा दी जाएगी। गांधी पार्क का नवीनीकरण किया जाएगा।[ads1]

इसमें बच्चों के मनोरंजन और खेल की व्यवस्था होगी। टहलने वालों के लिए वाकिंग ट्रेक होगा। तहसील चौक और घंटाघर पर स्मार्ट पार्किंग मैनेजमेंट सिस्टम होगा। भीड़-भाड़ वाले बाजारों में गाड़ियों का प्रवेश वर्जित होगा। सभी सरकारी भवनों की छतों पर सौर ऊर्जा और भूगत डस्ट स्थापित होंगे। सौर ऊर्जा पर आधारित 24 वाटर एटीएमए 100 किमी तक स्टार्म वाटर ड्रेनेज शत-प्रतिशत स्मार्ट एएमआर, आटोमेटिक मीटर रीडिंग और जल प्रबंधन होगा।[ads1]

निजी व्यावसायिक भवनों, काम्लेक्स के लिए वर्षा जल संरक्षण अनिवार्य किया जाएगा। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए चयनित स्थानों पर 30 भूमिगत कूडेदान होेंगे, कूड़ा इकट्ठा करने और परिवहन की व्यवस्था होंगी, 26 बायो डायजेस्टर टायलेट होंगे और कूड़ा प्रबंधन पर जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही 500 मलिन बस्ती में रहने वाले लोगों को आवास दिए जाएंगे। घंटाघर के हेरिटेज ढांचे का पुनर्जीवित किया जाएगा।
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बैठक में बताया गया कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए 05 चौराहों को सुधारा जायेगा। सीसीटीवी युक्त आईपॉल लगाये जायेंगे।वाईफाई सुविधा दी जायेगी। प्रदूषण नियंत्रण के लिए सेंसर लगाये जायेंगे। दिव्यांगों के आवागमन की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही प्रशिक्षित डाक्टरों और जांच सुविधाआें से सुसज्जित एम्बुलेंस की व्यवस्था होगी। शिक्षण संस्थाओं में 5000 पेड़ लगाये जाएंगे। बैठक में प्रमुख सचिव उमाकांत पंवार, राधा रतूड़ी, सचिव हरवंश सिंह चुघ, इंदुधर बौड़ाई, अपर सचिव भूपाल सिंह मनराल, जेपी जोशी, वी.षणमुगम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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