अक्षय ऊर्जा और परिवहन को लेकर भारत और स्वीडन के बीच अहम समझौते

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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों अपनी 5 दिवसीय विदेश यात्रा पर हैं. यात्रा के पहले चरण में वे स्वीडन गए हुए हैं. प्रधानमंत्री ने मंगलवार को स्वीडन में अपने आधिकारिक दौरे के शुरुआत की. यहां उन्होंने किंग कार्ल 16वें गुस्ताफ से रॉयल पैलेस में मुलाकात की. इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर विचार साझा किए.

इसके बाद पीएम मोदी ने स्वीडन के प्रधानमंत्री स्टीफन लॉवेन से मुलाकात की और द्विपक्षीय शिखर हिस्सा लिया, जिसके बाद कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इस मौके पर नरेंद्र मोदी ने कहा भारत के मेक इन इंडिया में स्वीडन शुरू से ही मजबूत भागीदार रहा है. 2016 में मुंबई में हमारे ‘Make In India’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री स्टीफन लॉवेन स्वयं बहुत बड़े बिजनेस शिष्ठमंडल के साथ शामिल हुए थे.

उन्होंने कहा, आज की हमारी बातचीत में सबसे प्रमुख थीम यही थी कि भारत के विकास से बन रहे अवसरों में स्वीडन किस प्रकार भारत के साथ ‘win-win partnership’ कर सकता है. इसके परिणामस्वरूप आज हमने एक नवाचार भागीदारी और संयुक्त कार्य योजना पर करार किए हैं. पीएम मोदी ने कहा कि हम अक्षय ऊर्जा, शहरी परिवहन और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे विषयों पर भी ध्यान दे रहे हैं, जो भारत के लोगों की जीवन की गुणवत्ता से जुड़े विषय हैं.

PM Modi

स्वीडन के साथ द्वपक्षीय वार्ता के बाद पीएम मोदी ने स्वीडन की नामचीन कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ गोलमेज वार्ता में हिस्सा लिया. इसके बाद उन्होंने भारत और स्वीडन पहले इंडिया-नोरडिक शिखर सम्मेलन में शिरकत की. इसमें भारत और स्वीडन के अलावा चार नोरडिक देश डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और नॉर्वे के प्रधानमंत्री भी मौजूद थे. पीएम मोदी इस शिखर सम्मेलन के अलावा नोरडिक देशों के नेताओं के साथ अलग अलग द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे.

Modi in Sweden

बता दें कि स्कॉटहोम पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया गया. खुद स्वीडन के प्रधानमंत्री स्टीफन लॉवेन ने हवाई अड्डे पर उनकी अगुवानी की. हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग मौजूद थे. पीएम मोदी ने उनका भी अभिवादन स्वीकार किया. स्वीडन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ब्रिटेन और जर्मनी जाएंगे.

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