रुद्रप्रयाग: तड़पती रही तीन गर्भवती महिलाएं, नहीं मिल पाया उपचार

0
सांकेतिक फ़ोटो

 रुद्रप्रयाग: स्वास्थ्य महकमे की लचर व्यवस्थाओं के चलते तीन गर्भवती महिलाएं घंटों तड़पती रहीं, लेकिन उन्हें उपचार नहीं मिल पाया. रुद्रप्रयाग के सरकारी अस्पतालों के बाद तीनों श्रीनगर बेस अस्पताल पहुंचीं, लेकिन इलाज निराशा हाथ लगी. यहां भी परिजनों के हाथों में हायर सेंटर रेफर करने का पर्चा थमा दिया गया. रुद्रप्रयाग की सीएमओ सरोज नैथानी के अनुसार एनेस्थेटिक (बेहोशी की दवा देने वाला डाक्टर) उपलब्ध न होने की वजह से इन अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की सर्जरी नहीं हो पाई.

जिला मुख्यालय से दस किलोमीटर दूर सन क्यार्क जाखधार गांव निवासी विकास की पत्‍‌नी सीमा देवी को रविवार सुबह साढ़े 11 बजे प्रसव के लिए जिला चिकित्सालय लाया गया. परिजन दो किलोमीटर पैदल चलकर उसे अस्पताल तक लाए थे. डाक्टरों ने उसे सर्जरी की सलाह दी, लेकिन अस्पताल में एनेस्थेटिक न होने का हवाला देकर हायर सेंटर रेफर कर दिया. ऐसा ही रुद्रप्रयाग शहर से समीपवर्ती हितडांग निवासी नवीन की पत्‍‌नी ज्योति के साथ हुआ. परिजन उसे सुबह दस बजे अस्पताल लेकर पहुंचे थे. उसे भी डाक्टरों ने रेफर कर दिया. तीसरी गर्भवती पार्वती देवी पत्‍‌नी विकास को सुबह साढ़े ग्यारह बजे अगस्त्यमुनि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से श्रीनगर के लिए रेफर किया गया.

सीएमओ सरोज नैथानी के मुताबिक तीनों महिलाओं के परिजन उन्हें बेस अस्पताल श्रीनगर ले गए, लेकिन वहां भी प्रारंभिक परीक्षण के बाद उन्हें रेफर कर दिया गया. भर्ती न करने की वजह एनेस्थेटिक उपलब्ध न होना बताया गया. सीएमओ के मुताबिक एक गर्भवती के परिजन उसे श्रीनगर से देहरादून ले गए, जबकि एक को परिजनों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया है. सीएमओ ने बताया कि तीसरी गर्भवती के परिजनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है.

सीएमओ ने निदेशक से की शिकायत

रुद्रप्रयाग की मुख्य चिकित्साधिकारी सरोज नैथानी ने बताया कि गर्भवती तीनों महिलाओं की स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है. इस संबंध में उन्होंने बेस चिकित्सालय श्रीनगर में संपर्क किया तो पता चला कि वहां चिकित्सा अधीक्षक छुट्टी पर हैं. स्टाफ ने अवगत कराया कि अस्पताल में तीन एनेस्थेटिक तैनात हैं, लेकिन दीपावली के चलते तीनों ही छुट्टी पर हैं. सीएमओ के अनुसार उन्होंने इस मामले में चिकित्सा निदेशक से फोन पर शिकायत भी दर्ज कराई। सीएमओ का कहना है कि गंभीर रूप से घायल मरीजों व गर्भवती महिलाओं को समय पर उपचार मिल पाए, इसके लिए रुद्रप्रयाग जिला चिकित्सालय और बेस चिकित्सालय के डाक्टरों के बीच सामंजस्य स्थापित होना जरूरी है। उन्होंने बेस चिकित्सालय में तीनों एनेस्थेटिक के एक साथ छुट्टी पर रहने पर भी सवाल खड़े किए.

इस मामले में रुद्रप्रयाग की मुख्य चिकित्साधिकारी से बात हुई है. बताया गया कि एकमात्र एनेस्थेटिक छुंट्टी पर है. ऐसे में सीपीएस (चिकित्सा प्रबंधन समिति) फंड के माध्यम से निजी एनेस्थेटिक की सेवा लेने को कहा गया.

डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, स्वास्थ्य महानिदेशक

श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से बात हुई है. उन्होंने बताया कि वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ वहां नहीं हैं.सीनियर रेजीडेंट हैं पर वह जटिल मामले नहीं ले रही हैं। इस बावत व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं.

डॉ. आशुतोष सयाना, निदेशक चिकित्सा शिक्षा

गायनी विभाग में 24 तक सामान्य ऑपरेशन

श्रीनगर गढ़वाल: बेस अस्पताल के गायनी विभाग में 24 अक्टूबर तक गर्भवती महिलाओं के केवल सामान्य ऑपरेशन ही होंगे.

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. सीएमएस रावत ने बताया कि गायनी विभाग की तीन सीनियर फैकल्टी के अवकाश पर होने के चलते सिजेरियन ऑपरेशन नहीं हो पाएंगे. उन्होंने बताया कि गायनी विभाग की अध्यक्ष 30 अक्टूबर तक और सहायक प्रोफेसर तीन नवम्बर तक अवकाश पर हैं. एक एसोसिएट प्रोफेसर भी कार्यवश रविवार सुबह 24 अक्टूबर तक अवकाश पर चले गए हैं. उल्लेखनीय श्रीनगर मेडिकल कालेज में फैकल्टियों की कमी जनता पर ही भारी पड़ रही है. गायनी विभाग में दस फैकल्टियों की तुलना में वर्तमान में तीन ही कार्यरत हैं.

Loading...