खतरे के निशान से ऊपर नदियां, अगले 10 दिन उत्तराखंड के लिए विनाशकारी

0

अगले 10 दिन उत्तराखंड के लिए बेहद तबाही वाले साबित हो सकते हैं। बदरीनाथ , केदानाथ हाईवे बार-बार बंद होने से चारधाम यात्रा बदहाल हो रही है। उधर गंगा और बाकी नदियां खतरे के निशा से ऊपर बहने लगी हैं। इसके साथ ही मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दस दिन उत्तराखंड पर भारी गुजर सकते हैं। पिथौरागढ़, देहरादून और गढ़वाल के ज्यादातर स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। बताया जा रहा है कि मानसून ट्रफ का उत्तराखंड की तरफ झुकाव 10 अगस्त तक बना रहेगा। मौसम विभाग का कहना है कि इन दिनों में उत्तराखंड में भारी बरसात होगी। 6 अगस्त तक कहीं-कहीं बारिश का लेवल 65 मिमी तक जा सकता है। इसके साथ ही कुछ जगहों के लिए मौसम विभाग का कहना है कि 204 मिमी तक बारिश हो सकती है। ऐसे में पहाड़ में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की मुसीबत हो सकती है। 10 अगस्त तक शासन- प्रशासन के साथ लोगों को भी सावधानी बरतनी होगी।

अब आपको बताते हैं कि मौसम विभाग ने किन किन जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। 6 अगस्त तक जोरदार बारिश के साथ ही रुद्रप्रयाग, चमोली, हरिद्वार, देहरादून, पिथौरागढ़, पौड़ी, नैनीताल, ऊधमसिंहनगर जिलों भारी बारिश की भी संभावना है। अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश मिलती रहेगी। लगातार बारिश से पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें बंद होने की समस्या आ सकती है। इसके साथ ही मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की दिक्कतें आ सकती हैं। नदियों के किनारे की बसावट को ज्यादा अलर्ट मोड पर डाल दिया गया है। यात्रियों के लिए संदेश दिया गया है कि फिलहाल इस बारिश को देखते हुए यात्रा ना करें। उधर हरिद्वार में गंगा का जलस्तर चेतावनी लेवल से ऊपर बह रहा है। हरिद्वार में गंगा का चेतावनी लेवल 293 मीटर है और पानी 293.30 मीटर पर बह रहा है। जिलाधिकारी दीपक रावत ने तटीय इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। तहसीलदारों को लगातार बाढ़ चौकियों की मानीटरिंग करने और पूरी तैयारी का निर्देश दिया है। खतरे का निशान 294 मीटर है। हालांकि हरिद्वार में बारिश नहीं हो रही है। हल्की धूप निकली है।

उधर चमोली में रातभर बारिश होती रही। इस वजह से बदरीनाथ राजमार्ग भूस्खलन से बलदोड़ा और लामबगड़ बंद पड़ा है। लामबगड़ में 30 जुलाई की शाम चार बजे से हाईवे बंद पड़ा है। यात्री भूस्खलन क्षेत्र से पैदल ही आगे बढ़ रहे हैं। बीआरओ और एनएच के कर्मी सड़क खोलने में जुटे हैं। रुद्रप्रयाग केदारनाथ हाईवे सोनप्रयाग के पास भूस्खलन से रास्ता बंद है। कुमाऊं के नैनीताल, अल्मोड़ा जिलों में फिलहाल बारिश थमी हुई है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की दिक्कत आ सकती है। इस वक्त उत्तराखंड के लिए सबसे बड़ी मुश्किल बारिश और भूस्खलन है। जहां देखिए वहां जमीन ढह रही है। लग रहा है मानों प्रकृति रौद्र रूप में है। इस वकत् आपके भी सावधान रहने की काफी जरूरत है। ज्यादा से ज्यादा प्रशासन के संपर्क में रहें। कहीं भी कोई अप्रिय घटना दिखे तो तुरंत इस बारे में प्रशासन को जानकारी दें। इसके साथ ही दूसरों की मदद के लिए आगे बढ़ें। सरकार ने इसके लिए जगह जगह प्रशासन और आपात कालीन सेवा को अलर्ट पर रखा हुआ है

Loading...