राहुल गांधी का नाम गिनीज बुक में

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मध्‍य प्रदेश के होशंगाबाद के रहने वाले इंजीनियर विशाल दीवान ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकॉर्ड्स में कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी का नाम शामिल करने के लिए भेजी एप्‍लीकेशन।

नई दिल्‍ली: कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी की मुश्किलें खत्‍म होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। एक तरफ तो उनकी अगुवाई में लड़े जा रहे सभी चुनावों में पार्टी को करारी हा‍र का सामना करना पड़ रहा है तो दूसरी ओर सोशल मीडिया पर उन्‍हें जमकर ट्रॉल किया जा रहा है। अब एक नई मुश्किल राहुल गांधी के सामने आ गई है और वह है उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकॉर्ड्स के लिए भेजा जाना।  सोशल मीडिया पर राहुल गांधी का फिर उड़ा मजाक  साक्षी महाराज ने शमशान-कब्रिस्तान पर दिया विवादित बयान, मोदी : राहुल अभी बोलना सीख रहे हैं जरूरत से ज्‍यादा संख्‍या राहुल गांधी का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकॉर्ड्स में शामिल करने के लिए भेजा गया है। वजह है उनके नेतृत्‍व में लड़े गए सभी चुनावों में पार्टी की लगातार हार। मध्‍य प्रदेश के होशंगाबाद के रहने वाले इंजीनियर विशाल दीवान ने गिनीज बुक के पास राहुल का नाम रिकॉर्ड के तौर पर दर्ज के लिए एप्‍लीकेशन भेजी है। उन्‍होंने अनुरोध किया है कि देश में हुए 27 चुनावों में पार्टी को हराने के लिए राहुल का नाम रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए। दीवान का मानना है कि कांग्रेस पार्टी पिछले पांच वर्षों में राहुल गांधी के नेतृत्‍व में अपना अस्तित्‍व खो रही है। इसकी वजह है कि राहुल गांधी की सक्रिय भागीदारी और मीडिया के साथ उनका संपर्क में बना रहना। दिलचस्‍प बात है कि रिकॉर्ड बुक में शामिल होने के लिए जितनी संख्‍या की जरूरत होती है यह संख्‍या उससे कहीं ज्‍यादा है। दीवान ने गिनीज बुक के प्रशासन को चिट्ठी भी लिखी है और उन्‍होंने इस मकसद के लिए जरूरी फीस का भुगतान भी कर दिया है। दीवान को गिनीज बुक की ओर से उनकी एप्‍लीकेशन को स्‍वीकार किए जाने की पुष्टि की जा चुकी है लेकिन अमेरिका की इस रिकॉर्ड बुक ने अभी तक यह नहीं बताया है कि वह इसे मंजूरी देगी या नहीं। भूल गए राहुल कि यूपी में हैं कितनी सीटें राहुल गांधी अक्‍सर अपने भाषणों और राजनीतिक ज्ञान की वजह से मजाक का पात्र बनते रहते हैं। हाल ही में उन्‍हें सोशल मीडिया पर जमकर ट्रॉल किया गया जब उन्‍होंने उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान अखिलेश यादव के साथ एक ज्‍वाइंट प्रेस कांफ्रेंस की थी। राहुल गांधी ने इस प्रेस कांफ्रेंस में यह भूल गए थे कि उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में कुल कितनी सीट्स हैं। उत्‍तर प्रदेश के चुनावों में कांग्रेस पार्टी को सिर्फ सात सीटें हासिल हुई हैं जबकि पार्टी ने 105 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इसके अलावा पांच राज्‍यों में से अगर पंजाब को छोड़ दें तो चार राज्‍यों में पार्टी की हार हुई है। गोवा और मणिपुर में जीतने के बाद भी पार्टी सरकार नहीं बना सकी। अमेठी और रायबरेली जैसी जगहों पर भी पार्टी हालिया चुनावों में अपनी सीटें नहीं बचा सकी और बीजेपी उम्‍मीदवार के हाथों हार गई। इन दोनों ही जगहों को कांग्रेस पार्टी का गढ़ माना जाता है।

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