विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ,अतःये विषय सम्पात शमझा जाए। बैकफुट पर बेट

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उत्तराखंड विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने बेटे की उपनल द्वारा संविदा में जल संस्थान में हुई अस्थाई नियुक्ति को लेकर किए गए दुष्प्रचार पर कहा यह उनको बदनाम करने की साजिश थी। उन्होंने कहा मेरे बेटे को स्थायी नौकरी नहीं मिली थी, वह तो टैंपरेरी बेस पर ठेकेदार के माध्यम से काम कर रहा था। उसको मेरे नाम का सहारा नहीं मिला उसे अपनी योग्यता के चलते ठेकेदार के माध्यम से काम मिला। उन्होंने बेटे की आड में उनका नाम घसीटे जाने पर कहा वे इस प्रकरण से बहुत आहत हैं। मुझे तीन रोज से अकारण परेशानी उठानी पड रही थी, इसको देखते हुए बेटे ने खुद ही ठेके की नौकरी छोड दी है। उन्होंने कहा तमाम प्रकरण हैं जिनमें पूर्व सैनिकों के बच्चों के अलावा भी अन्य को रोजगार मिला है लेकिन मेरे बेटे को हाईलाइट करके मुझे निशाना बनाया गया। अग्रवाल ने अपने शासकीय आवास में पत्रकारों से बातचीत में यह बातें कहीं।

अग्रवाल ने कहा ‘मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मेरा पुत्र बालिग है शिक्षित- प्रशिक्षित व संस्कारित है और अपनी क्षमता एंवम रूचि के अनुसार कही आवेदन करने तथा नियुक्ति पाने का हकदार है। अगर वह बिना किसी मेरे प्रभाव के स्वल्प मानदेय पर किसी विभाग में ठेकेदारी प्रथा द्वारा कार्य करता है तो यह उसका व्यक्तिगत निर्णय है और इससे मेरा कोई लेना-देना नही है। वर्तमान समय में राजनीति में शामिल लोगों के पुत्र – पुत्रियां अमूमन स्वल्प वेतन पर ठेकेदारी प्रथा पर काम नही करते, मीडिया द्वारा समय समय पर प्रकाशित होता रहा है कि राजनीति से जुडे लोगों की संतान व रिश्तेदार ठेकेदार, खनन और अन्य तरह के अवैध धन्धों में सम्मलित रहते हैं। मेरे ऊपर डेढ दशक की विधायकी के साथ 38 वर्ष के राजनैतिक जीवन मे कोई भी आरोप नहीं लगे। मेरा पुत्र अगर कोन्टेक्ट के आधार नौकरी कर रहा है तो केवल इसलिए कि मैंने अपने प्रभाव की आड़ में कुछ लाभ लेने को स्पष्ट मना कर रखा है। अब अगर कोई यह कहे कि मेरा पुत्र उपनल के द्वारा नौकरी करते हुये अपनी जीविका अर्जित करने से कुछ अनुचित कर रहा है तो इसके विषय में आश्चर्य प्रकट करने के मैं क्या कर सकता हूं। मेरा आग्रह केवल इतना है कि तथ्यों को सनसनीखेज बनाकर मेरी प्रतिष्ठा को क्षति पंहुचाने का यह उपक्रम बंद किया जाए। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा मेरे पुत्र पीयूष अग्रवाल ने मेरी छवि पर लगातार हो रहे प्रहार के कारण स्वतः ही शनिवार श्याम को उपनल में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है अतःये विषय सम्पात शमझा जाए।

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