प्रकाश पांडे के परिवार को मिलेगी 12 लाख की आर्थिक मदद, पत्नी को सरकारी नौकरी

0

गौर हो कि देहरादून में प्रकाश पांडे की मौत के बाद सरकार पर हत्या का आरोप लगाते हुये परिजनों ने सरकारी नौकरी और मुआवजे की मांग की थी। स्थानीय विधायक और नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने भी इस मांग को पूरा समर्थन दिया था। पांडे का शव घर पहुंचने के बाद भी परिजनों ने शव को मांगें पूरी होने तक उठाने से मना कर दिया था। जिसके बाद से ही सरकार और स्थानीय प्रशासन के बीच बातचीत चल रही थी।अब सरकार ने प्रकाश पांडे के परिवार की सभी मांगों को मान लिया है। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने इस बात की जानकारी दी। सीएम के आश्वासन के बाद जिलाधिकारी ने परिवार से बात की और उन्हें अंतिम संस्कार के लिये मनाया।

CM त्रिवेंद्र ने प्रकाश पांडे के परिवार के लिए की ये घोषणाएं-

  • प्रकाश पांडे के परिवार को 12 लाख का मुआवजा देने का आश्वासन।
  • पत्नी को थर्ड ग्रेड की सरकारी नौकरी दी जाएगी। साथ ही वह हल्द्वानी में ही नौकरी करेगी।
  • बेटे की पढ़ाई का जिम्मा DM उठाएंगे।
  • फौरी तौर पर परिवार को 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद।

गौर हो कि शनिवार को देहरादून बीजेपी ऑफिस में चल रहे कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के जनता दरबार में फरियादी बनकर पहुंचे प्रकाश पांडे ने खुद की बर्बादी का जिम्मेदार बीजेपी सरकार और उनकी नीतियों को ठहराया था। उनका कहना था कि नोटबंदी और जीएसटी के कारण ही उनका ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय खत्म होने की कगार पर है। बीजेपी सरकार को भला-बुरा कहते हुये प्रकाश पांडे ने ज़हर की पैकेट मंत्री की टेबल पर रखकर दावा किया था कि वो जनसुनवाई में आने से पहले ज़हर खाकर आया है। इस सरकार ने उन्हें ऐसा कदम उठाने पर मजबूर किया है।

आनन-फानन में मंत्री की सरकारी गाड़ी से प्रकाश पांडे को दून अस्पताल पहुंचाया गया। वहां पांडे की बिगड़ती हालत को देखते हुये तुरंत मैक्स अस्पताल रेफर कर दिया गया था। लगभग 72 घंटे जिंदगी और मौत से जंग लड़ने के बाद पांडे ने शरीर त्याग दिया।

ज़हर खाने से पहले बनाया था वीडियो
वहीं, ज़हर खाने से पहले पांडे ने बकायदा एक वीडियो बनाकर अपना दर्द सभी से साझा किया था। वीडियो में
उसने बताया है कि वो ज़हर खा रखा है और शायद वो नहीं बचेगा, लेकिन त्रिवेंद्र सरकार को सबक सिखाना भी जरूरी है। ये वीडियो जनसुनवाई में जाने से पहले का है। यहां प्रकाश पांडे ये स्वीकार कर रहा है कि वो अंदर जाने से पहले ही ज़हर खा चुका है। सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुये उसका कहना है कि इस डबल इंजन सरकार ने सभी कारोबारियों का बेड़ा गर्क कर दिया है जिससे वो आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे हैं।

वीडियो में प्रकाश पांडे ने बताया था कि उसने कारोबार में हो रहे घाटे के बारे में सीएम त्रिवेंद्र के ओएसडी उर्वा दत्त भट्ट को बताते हुए सरकारी विभागों में अटके हुए सभी पैसे दिलवाने की मांग की थी। लेकिन सरकार ने पैसे रिलीज करने के बजाय बीपीएल कार्ड बनवाने की सलाह दी जबकि वो टैक्सपेयर हैं। इनकी जनरल नॉलेज बिलकुल कम है।

इस वीडियो में फरियादी ने कहा कि बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से जीत गई लेकिन इन्हें सत्ता में नहीं आना चाहिए था। प्रकाश पांडे ने इस वीडियो में इंदिरा हृदयेश के कार्यों की सराहना करते हुए ये संदेश उनतक तक पहुंचाने की बात की है।

प्रदेशभर से विरोध के स्वर
पांडे की मौत के बाद प्रदेशभर से सरकार के विरोध में आवाज उठने लगी है। मृतक के परिजनों ने तो सीधे तौर पर सरकार को प्रकाश की मौत का जिम्मेदार बताया है। बहनोई उमेश मेलकानी ने ही इस बात की घोषणा की थी कि जबतक उत्तराखंड सरकार प्रकाश के परिवार वालों को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजे की घोषणा नहीं करती, तबतक शव को उठने नहीं दिया जाएगा।

बता दें कि प्रकाश पांडे की मौत से हल्द्वानी का व्यापारी वर्ग बेहद आक्रोशित है। व्यापार मंडल ने आज शहर बंद का आह्वान किया है। पूरे बाजार की ओर से उन्हें समर्थन भी मिल रहा है। हल्द्वानी बाजार में पुलिस फोर्स तैनात है।

Loading...