11th का स्टूडेंट रेयान मर्डर केस में अरेस्ट, प्रद्युम्न के पिता बाेले- फांसी दो उसे

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गुड़गांव.रेयान इंटरनेशनल स्कूल के स्टूडेंट प्रद्युम्न ठाकुर मर्डर केस में ठीक 2 महीने बाद नया मोड़ आया। सीबीआई ने बुधवार को बताया कि स्कूल के 11वीं के स्टूडेंट को हिरासत में लिया गया है। सीबीआई के मुताबिक, आरोपी स्टूडेंट ने पेरेंट्स-टीचर मीटिंग (पीटीएम) और एग्जाम टालने के लिए यह मर्डर किया था। प्रद्युम्न की फैमिली ने कहा, ”हमें शक है कि इस मामले में कोई गहरी साजिश थी और पिंटो फैमिली भी इसका हिस्सा थी। आरोपी स्टूडेंट को फांसी की सजा मिले।” उधर, जांच एजेंसी ने इस स्टूडेंट को जुवेनाइल कोर्ट में पेश करके छह दिन की कस्टडी मांगी। बता दें कि प्रद्युम्न का मर्डर 8 सितंबर को हुआ था। हरियाणा पुलिस ने स्कूल बस के कंडक्टर अशोक कुमार को मर्डर केस का मुख्य आरोपी बनाया था।
प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर और वकील सुशील टेकरीवाल ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वकील ने कहा- ”हमने सीबीआई से जल्द चार्जशीट दाखिल करने की मांग की है।आशंका है कि इस मामले में कोई गहरी साजिश हो। पिंटो परिवार भी इस साजिश का हिस्सा हो सकता है।”
पिता ने कहा, ”सीबीआई ने जो आज खुलासा किया है। उन्होंने जो वजह बताई है, एक बच्चे के लिए ये जुर्म करने की वजह हो सकती है। बच्चा बहुत लंबे समय से स्कूल में था और स्कूल में जो कमियां थीं, उसका फायदा उठाकर वो जुर्म कर सकता था।”
 ”आज सबके सामने साबित हो गया है कि पुलिस जो जांच कर रही थी, उसके अलावा कुछ और निकला। सीबीआई से यही मांग करना चाहेंगे कि वो जांच करे और जिनकी लापरवाही की वजह से ये घटना हुई है, वो सामने आए। उनके खिलाफ चार्जेज फ्रेम किए जाएं और सख्त सजा दी जाए, ताकि बच्चों के खिलाफ हो रहे क्राइम रुक सकें।”
पिता ने कहा, ”बच्चे के एंगल से देखें तो वह पढ़ाई में कमजोर था और उसे टीचर्स और पेरेंट्स के सामने फेस करना पड़ता होगा। उसे ये भी पता होगा कि कहां वो क्राइम करे, जहां बचने की गुंजाइश ज्यादा हो। पुलिस की थ्योरी के बाद उसे भरोसा हो गया था कि अब वो बच गया है, लेकिन नहीं पता था कि केस की जांच सीबीआई करेगी। आरोपी को एडल्ट की तरह ट्रीट किया जाए और फांसी पर लटकाना चाहिए।”
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