देखिये हमारी ये खास रिपोर्ट, केसे उत्तराखंड़ देश का 5 वां राज्य बन गया है!

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 देखिये हमारी ये खास रिपोर्ट।

प्रदेश के किसानो को लेकर आज राज्य सरकार नें केन्द्र की महत्वकाशी योजना डीबीटी की शुरूवात कर दी है। इसके साथ ही उत्तराखंड़ देश का 5वां राज्य बन गया है जहां किसानो को उर्वरक पर सीधे सब्सड़ी उनके खातो में पहुचेगी। 2022 तक किसानो की आय को दोगुना करनें के सरकार के प्रयास को लेकर इसे बड़ा कदम देखा जा रहा है।

 भ्रष्टाचार पर अंकुश लगानें समेत किसानो की खुशहाली के लिए प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना जिसमे किसानो को खाद के लिए मिलनें वाली सब्सिडी अब सीधे किसानों के खाते में मिलेगी. काफी लंबे समय से सरकार इस योजना को अमल में लानें के लिए होमवर्क कर रही थी वही आज मुख्यमंत्री ने किसानो की कर्ज माफी की मांग के बीच किसानो के लिए एक बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री नें साफ किया कि पूरे देश ने इस योजना का स्वागत किया है। किसानों को लेकर देश भर में दी जानें वाली 75 हजार करोड़ की सब्सिडी का हवाला देते हुए उन्होनें साफ किया कि सरकार की सब्सिडी का सीधा फायदा किसान नही उठा पाते। डीबीटी जैसी योजना से किसानो को सीधा लाभ मिलेगा।

 इस योजना का फायदा किसानो को सीधे उर्वरको में मिलनें वाली सब्सिडी अब उन्हे अपनें खाते में मिला करेगी। इसके लिए किसानों को आधार कार्ड के जरिए खुद के खातो को लिंक करना होगा वही उर्वरक डीलरो को भी अपनी खरीद वक्री का ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन कराकर उसे आधार कार्ड से लिंक करना होगा। जिससे सरकार जहां किसी किसान नें कौन सी खाद किस मात्रा में खरीदी और किस डीलर नें कौन सी खाद किस किसान को बेची है इन सभी बातो का व्यौरा सरकार के पास रहेगा। जिससे उर्वरको को लेकर होनें वाली कालाबाजारी को भी रोका जा सकेगा वही सरकार की माने तो इससे खाद की कमी से भी निजात मिलेगी।

वही सरकार नें पहाड़ी राज्य में नेटर्वक कनैक्टिवीटी की दिक्कत को देखते हुए सीधा बीएसएनएल से बातचीत कर संपूर्ण प्रदेश में इस योजना को लागू करवानें को लेकर भी कार्ययोजना पर काम करना शुरू कर दिया है। जिसमें जिन जगहो पर नेटवर्क सम्बंधित दिक्कत है वहां भी तेजी से काम किया जाएगा।

 प्रदेश में जहां उद्धमसिंह नगर हरिद्वार समेत देहरादून जिलें में उर्वरको की सबसे अधिक खपत होती है वही सरकार को जरूरत है कि पहाडी जिलो को लेकर जैविक खेती की तरफ ध्यान दिया जाए ताकि किसानों समेत प्रदेश को आर्थिक तौर  पर सक्षम किया जा सके।

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