Thursday, January 21, 2021
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आज से वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा प्रदेश का सबसे लंबा फ्लाई ओवर

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दून-हरिद्वार-ऋषिकेश मार्ग पर अब आपको मोतीचूर रेलवे क्रॉसिंग फाटक पर जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग के नवनिर्मित हरिपुरकलां फ्लाईओवर पर बुधवार से आवाजाही शुरू हो जाएगी। आज खुलने वाले हरिपुरकलां फ्लाई ओवर पर मोतीचूर की ओर से शेष कुछ हिस्से पर डामरीकरण के फाइनल कार्य को अंजाम दिया जा रहा है।

कार्यदायी संस्था उप्र राज्य सेतू निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक सतीश कुमार ने बताया कि कार्य पूरा कर लिए जाने के बाद आज फ्लाई ओवर ट्रैफिक शुरू करा दिया जाएगा। हाईवे पर बने इस फ्लाईओवर की लंबाई करीब दो किमी है, जो प्रदेश का सबसे लंबी दूरी का फ्लाईओवर है।

फ्लाईओवर से गुजरने वाले वाहन देहरादून जिले के प्रवेश द्वार सप्तऋषि चेक पोस्ट से शुरू होकर हरिपुरकलां का मुख्य बाजार, सूखी नदी और राजाजी टाइगर रिजर्व के प्रवेश द्वार और जंगल क्षेत्र को पार कराकर राजाजी के मध्य वन क्षेत्र में तीन मोरी पुलिया तक पहुंचते हैं। अपनी तय समय सीमा से भले ही कुछ देरी से सही पर बुधवार को नवनिर्मित हाईवे के हरिपुरकलां फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।

एक दिन पहले ट्रायल कर हाईवे प्रशासन की ओर से सभी तैयारियों को पूरा कर लिया गया है। इससे फ्लाईओवर के खुल जाने से आने-जाने वाले वाहन चालकों बड़ी राहत मिलने जा रही है। उन्हें अब इस क्षेत्र में जाम की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा।
स्थानीय लोगों के लिए टोल बैरियर शुल्क माफ रखने की मांग
देहरादून हरिद्वार हाईवे के लिए लच्छीवाला में बनाया गया टोल बैरियर स्थानीय लोगों के लिए फ्री रखने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एनएचआई को ज्ञापन भेजा है। कहा है कि क्षेत्र के लोगों ने राजमार्ग बनाने के लिए अपनी जमीनें दी हैं। ऐसे में उनके लिए टोल माफ होना चाहिए।

मंगलवार को जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष गौरव चौधरी ने कहा कि डोईवाला और उसके आसपास के इलाकों के लोगों को दिन में कई बार देहरादून शहर के लिए आना जाना पड़ता है। ऐसे में उनसे बार बार शुल्क वसूला जाएगा।

कहा कि डोईवाला परिक्षेत्र के 20 किमी के दायरे में आने वाले लोगों के लिए टोल पूरी तरह से माफ होना चाहिए। ज्ञापन देने वालों में कार्यकारी ब्लॉक अध्यक्ष रणजीत सिंह बॉबी, गन्ना समिति अध्यक्ष मनोज नौटियाल, ईश्वरचंद पाल, संजय खत्री, मोहित उनियाल, शेर सिंह पाल, सुशील कुमार, अशोक कुमार, जसवंत सिंह, राहुल सैनी, दिनेश कुमार, विजय सिंह, प्रीतपाल सिंह, नईम अहमद, फुरकान अली, गौरव मल्होत्रा, सतनाम सिंह आदि मौजूद रहे।

राज्य में मनरेगा के कार्यदिवस 100 से बढ़ाकर 150 दिन किये जायेंगे – मुख्यमंत्री

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 मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य रोजगार गारंटी परिषद की बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड आजीविका एप्प लॉच किया। उन्होंने कहा कि राज्य में जल्द ही मनरेगा के कार्यदिवसों की अवधि बढ़ाई जायेगी। मनरेगा के कार्यदिवस 100 दिन से बढ़ाकर 150 दिन किये जायेंगे। जिसके लिए धनराशि की व्यवस्था राज्य फंड से की जायेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि मनरेगा के तहत कुछ जनपदों में अच्छा कार्य हुआ है। कार्य प्रकृति में सुधार के लिए सभी जिले एक-दूसरे से अपने अनुभवों को साझा करें। जिलाधिकारियों द्वारा मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों की 15 दिनों में जिला स्तर पर समीक्षा की जाय। कोविड काल के दौरान की कार्य की भरपाई करने के लिए और मेहनत की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण के लिए सुनियोजित तरीके से कार्य किया जाए। जिन नदियों के पुनर्जनन के लिए कार्य किये जा रहे हैं, उनकी जीआईएस मैपिंग हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिथौरागढ़ जनपद में फिशरीज के क्षेत्र में अच्छा कार्य हो रहा है। इस क्षेत्र में लोगों को कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एवं कार्यप्रणाली की जानकारी के लिए भ्रमण कराया जाय। पौषण वाटिका के तहत जनपद पौड़ी में अच्छा कार्य किया जा रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा अच्छी योजना बनाई गई है। इस तरह के प्रयोग अन्य जिलों में भी किये जाएं। मनरेगा के तहत जनपदों में रोजगार दिवसों के औसत को और अधिक बढ़ाया जाय। जल संरक्षण एवं संवर्द्धन, कृषि विकास, पोषण अभियान, कलस्टर आधारित क्रियान्वयन रणनीति, सतत आजीविका संसाधन विकास एवं विपणन सुविधा विकास के क्षेत्र में मनरेगा के तहत विशेष प्रयास किये जाय।

बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य योजना एवं जिला योजना में विभागों द्वारा जो ऐसे कार्य प्रस्तावित किये जाते हैं, जो मनरेगा के तहत आसानी से किये जा सकते हैं। ऐसे कार्यों को मनरेगा से करने में प्राथमिकता दी जाय, ताकि राज्य एवं जिला योजना की धराशि का किसी अन्य मद में सदुपयोग किया जा सके। बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में मनरेगा के तहत कुल 12.19 लाख जॉब कार्ड बने हैं। जिसमें से 67.19 प्रतिशत सक्रिय जॉब कार्ड धारक है। राज्य में 58.69 प्रतिशत सक्रिय श्रमिक हैं। जॉब कार्ड धारकों में 53.65 प्रतिशत महिलाएं है। राज्य में पिछले एक साल में  02 लाख 66 हजार जॉब कार्ड धारकां की संख्या बढ़ी है। मनरेगा के तहत ससमय भुगतान एवं जॉब कार्ड सत्यापन में उत्तराखण्ड पर राष्ट्रीय स्तर पर दूसरी रैंकिंग है। मनरेगा के तहत न्यूनतम अकुशल मजदूरी प्रतिदिन 201 रूपये है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए अनुमोदित बजट में से 80 प्रतिशत धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। एनआरएलएम स्वयं सहायता समूहों द्वारा किये जा रहे नर्सरी कार्यों से 10.13 लाख रूपये की आय अर्जित की गई। इसके तहत 94 स्वयं सहायता समूह कार्य कर रहे हैं।

बैठक में ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग के अध्यक्ष डॉ. एस.एस. नेगी, अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, अपर सचिव वंदना, उदयराज, राज्य नोडल अधिकारी मनरेगा मोहम्मद असलम एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

त्रिस्तरीय पंचायतों के लिए 31.10 करोड़ की राशि स्वीकृत

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त्रिस्तरीय पंचायतों के लिए राशि मंजूरः चतुर्थ राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों पर राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार चालू वित्त वर्ष की दसवीं मासिक किस्त के रूप में जनवरी, 21 के लिए कुल 31 करोड़ 10 लाख 51 हजार की राशि पंचायती राज संस्थाओं (जिला पंचायतों को कुल 14 करोड़ 21 लाख 61 हजार, क्षेत्र पंचायतों के लिए 7 करोड़ 23 लाख 78 हजार, तथा ग्राम पंचायतों के लिए 9 करोड़ 65 लाख 12 हजार) को आवंटित करने के लिए निदेशक पंचायती राज के निवर्तन पर रखे जाने की स्वीकृति दे दी है।

मनरेगा जाब कार्ड धारकों को केंद्र सरकार से अभी गारंटीड 100 दिन का रोजगार दिया जाता है। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोविड के दृष्टिगत राज्य स्तर से अतिरिक्त 50 दिन (अधिकतम) का रोजगार दिए जाने के लिए 83.75 करोड़ की स्वीकृति दी है। केंद्र सरकार द्वारा जाब कार्ड धारक प्रति परिवार 100 दिन का रोजगार दिए जाने के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। इस साल अभी तक 18 हजार परिवार 100 दिन का रोजगार पूरा कर चुके हैं। यदि इन्हें 50 दिन का अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध कराया जाता है तो कुल अतिरिक्त खर्च 18.09 करोड़ का खर्च राज्य सरकार उठाएगी।

सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स की मांग पूरीः मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन उत्तराखंड की मांग पर एक जनवरी, 2016 से 31 अक्टूबर, 2018 तक के पुनरीक्षित पेंशन के एरियर का भुगतान एक मुश्त किए जाने पर सहमति दे दी है। राजकीय सेवा से रिटायर हुए इन पेंशनर्स-पारिवारिक पेंशनरों का सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियां लागू होने पर एरियर का भुगतान कई सालों से लटका हुआ था।

आपदा प्रबंधन के तहत विभिन्न विभागों को 52.21 करोड़ की राशि मिलीः मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन के प्रस्ताव पर महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण को 30 करोड़, पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय को करीब 14.50 करोड़, प्रमुख अभियंता लोनिवि को 4.72 करोड़, महानिदेशक सूचना को 3 करोड़ की धनराशि आपदा प्रबंधन के तहत उनके निवर्तन पर रखने की मंजूरी दे दी है। साथ ही राज्य आपदा मोचन निधि मद में 3.75 करोड़ की धनराशि रखे जाने के प्रस्ताव पर भी सहमति दी है। यह राज्यांश के रूप में वहन की जाने वाली अवशेष धनराशि है।

राजकीय इंटर कालेज दूधली में बहुउद्देशीय हाल बनेगाः मुख्यमंत्री ने डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के तहत घोषणा के अनुसार राजकीय इंटर कालेज दुधली में बहुउद्देशीय हाल के निर्माण के लिए 3.11 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। इसमें से पहली किस्त के रूप में 40 फीसदी राशि 1.24 करोड़ जारी करने पर सहमति दे दी है। साथ ही कार्य को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। विलंब या अन्य किसी भी दशा में कार्य का आगणन पुनरीक्षित नहीं किया जाएगा।

हरिद्वार के ग्राम कांगड़ी से श्यामपुर-सजनपुर पीली एनएच की चौड़ाई बढ़ेगीः हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के तहत एनएच-74 के किमी 06 से ग्राम कांगड़ी से श्यामपुर-सजनपुर पीली होते हुए किमी 12 तक डेढ़ लेन चौड़ाई में सड़क व बाक्स कलवर्ट का निर्माण कार्य करने के लिए मुख्यमंत्री ने 5.54 करोड़ की स्वीकृति दी है।

सेवायोजित पूर्व सैनिकों को आयु सीमा में छूटः राज्यधीन सेवाओं में सेवायोजित पूर्व सैनिकों को समूह ग के उच्च पदों पर भर्ती के लिए आवेदन में केंद्र सरकार के नियमों के तहत आयु सीमा में छूट दिए जाने पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सहमति दे दी है। इसके तहत पूर्व सैनिकों द्वारा सशस्त्र सेना में दी गई सेवा अवधि को उनकी वर्तमान वास्तविक आयु सीमा से घटाकर गणना की जाएगी। यदि पूर्व सैनिक इच्छुक नियुक्ति के लिए उच्च आयु सीमा की शर्त को पूरा करता है तो उन्हें उच्चतम आयु सीमा में वर्ष की छूट अनुमन्य होगी।

मोटर मार्ग की मंजूरीः विधानसभा क्षेत्र चकराता के चकराता त्यूनी मोटर मार्ग से सुई कचाणु मोटर मार्ग के निर्माण कार्य के लिए मुख्यमंत्री ने 226.87 लाख की प्रशासकीय, वित्तीय और व्यय की स्वीकृति दी है। चकराता विधानसभा क्षेत्र में इस कार्य को मिलाकर कुल 36.36 करोड़ की योजनाओं को स्वीकृति दी जा चुकी है।

खनिज अन्वेषण कार्य होगाः देहरादून जिला की तहसील त्यूनी के क्वानी में बेसमेंटल तथा तहसील देहरादून के ग्राम दुरमाला, माल देवता क्षेत्र के अंतर्गत चिह्नित क्षेत्र में खनिज अन्वेषण कार्य किया जाएगा। इसके लिए मिनरल एक्सप्लोरेशन कार्पोरेशन लिमिटेड नागपुर से समझौता किया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय खोज न्यास के व्यय पर अनुबंध कराए जाने तथा खनिज अन्वेषण के कार्य के लिए द्विपक्षीय समझौता कराने के लिए निदेशक भूतत्व व खनिकर्म ईकाई उद्योग निदेशालय को नामित किए जाने पर मुख्यमंत्री ने सहमति दे दी है।

स्कूल नाम परिवर्तितः टिहरी जिले के विकासखंड जाखणीधार के राजकीय इंटर कालेज कनैलधार का नाम प्रमुख समाजसेवी स्वर्गीय रघुनाथ सिंह राणा के नाम पर रखे जाने के लिए मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी है। टिहरी विधायक डा. धन सिंह नेगी के अनुरोध पर मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा की थी।

वाण इंटर कालेज में चार कक्ष बनेंगेः मुख्यमंत्री ने चमोली जिले के राजकीय इंटर कालेज वाण में चार अतिरिक्त कक्षा-कक्षों के निर्माण की स्वीकृति दी है।

स्वामी विवेकानंद जयंती पर मुख्यमंत्री आवास में कवि सम्मेलन का आयोजन

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स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर जनता दर्शन हॉल, मुख्यमंत्री आवास में आयोजित ‘राष्ट्रभक्ति कवि सम्मेलन’ में कवि डा. कुमार विश्वास, कविता तिवारी, राजीव राज, रमेश मुस्कान और तेजनारायण शर्मा ‘बेचैन’ ने अपनी कविताओं से समां बांध दिया। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सीमित संख्या में आमंत्रित किए गए लोगों के बीच राष्ट्र, संस्कृति, सेना की वीरता, मातृ शक्ति सहित विभिन्न विषयों पर काव्य प्रस्तुतियां की गईं। डा. कुमार विश्वास ने अपने अंदाज में कवि सम्मेलन को संचालित कर लोगों को कवि सम्मेलन में सहभागी बनाया। राष्ट्रभक्ति, देश के लिए बलिदान की भावना, भारतीय संस्कृति के महत्व पर प्रस्तुत की गई कविताओं पर सभागार दर्शकों की तालियों से गूंजता रहा। बीच-बीच में कवियों ने व्यंग्य से दर्शकों को हंसाया भी और कविताओं के माध्यम से संदेश भी दिया।

कविताओं की गहराई को समझने की जरूरत

कार्यक्रम में अतिथि कवियों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि स्वामी विवकानंद जी हम सभी के आदर्श हैं। उन्होंने पूरी दुनियां में भारतीय दर्शन और आध्यात्मिकता का परचम लहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति उस छाते की तरह है जिसके नीचे सभी दर्शन, विचार, मत, सम्प्रदाय खुली सांस के साथ आश्रय लेते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कवि मुक्त होते हैं, उन्हें मुक्त होना भी चाहिए। जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि। हमारा दायित्व है कि उनकी कविताओं की गहराईयों को समझें। कविताओं के संदेश को समझ कर हम समाज, शासन में सुधार करने की कोशिश भी करते हैं। मुख्यमंत्री ने सभी काव्य प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि लम्बे समय बाद छोटे स्तर पर इस तरह का आयेजन किया गया है। हमारा देश कोविड से जंग जीतने की ओर है। वैक्सीनेशन भी शुरू किया जा रहा है। आशा है कि हम जल्द ही कोरोना से पूरी तरह से मुक्त होंगे और बड़े स्तर पर इस तरह का आयेजन करेंगे।

ये गंगा का किनारा है

इससे पहले डा. कुमार विश्वास ने ‘है नमन उनको जो इस देह को अमरत्व देकर, इस जगत में शौर्य की जीवित कहानी हो गए……………………….………………….है नमन उनको जिनके सामने बौना हिमालय, जो धरातल पर गिर पड़े, आसमानी हो गए’’ कविता से शहीदों को नमन किया। डा. विश्वास ने गंगा पर भी कविता सुनाई जो उन्होंने उत्तराखण्ड में ही लिखी थी। ‘खिलौने साथ बचपन तक, जवानी बस रवानी तक, सभी अनुभव भरे किस्से बस बुढ़ापे की कहानी तक, जवानी में बस सहारे हैं बस जिंदगी भर के, मगर ये जिंदगी के आखिरी पल का सहारा है, ये गंगा का किनारा है, ये गंगा का किनारा है’’। डा. विश्वास ने अपनी प्रसिद्ध कविता ‘कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता ह’ सहित अन्य कई कई कविताएं भी सुनाईं।

हमारा देश पावन आरती के थाल जैसा है

 कविता तिवारी ने मां शारदा की वंदना करते हुए अपनी ओजस्वी सुर में ‘‘धन द्रव्य सम्पदा तो नहीं मांग रही हूं, जो मांग रही हूं वो सही मांग रही हूं, कविता की पंक्ति पंक्ति राष्ट्र जागरण बने, आशीष आप सब से यही मांग रही हूं।’’  उत्तराखण्ड की दिव्यता और पवित्रता को नमन करते हुए उन्होंने ‘धरा यहां धरती के सम्मुनत भाल जैसा है, यहां की संस्कृति का रूप शुभटक साल जैसा है, कोई उपमा में सारे विश्व को कह दे शिवाला तो, हमारा देश पावन आरती के थाल जैसा है।’’ कविता सुनाई।

यादें झीनी रे

राजेश राज ने बचपन पर आधारित  कविता ‘यादें झीनी रे झीनी रे’ का मधुर गायन कर लोगों को बचपन की यादों में लौटा दिया। तेजनारायण शर्मा बेचैन ने कोरोना काल में घटित घटनाओं पर आधारित कविता प्रस्तुत की। कार्यक्रम में केबिनेट मंत्री मदन कौशिक, डा.हरक सिंह रावत, राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत, विधायक गणेश जोशी, हरबंस कपूर, सचिव राधिका झा,  दिलीप जावलकर, प्रसिद्व गायक  नरेंद्र सिंह नेगी, प्रीतम भर्त्वाण सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

स्वामी विवेकानन्द की जयंती पर मुख्यमंत्री ने युवाओं से किया संवाद

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 मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने स्वामी विवेकानन्द की 158वीं जयंती के अवसर पर आयोजित युवा चेतना दिवस कार्यक्रम में वर्चुअल प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के कई युवाओं से संवाद किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जल्द ही राज्य में युवा आयोग अस्तित्व में आ जायेगा। इसके लिए बजट का प्राविधान हो चुका है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने एक ध्येय वाक्य दिया ‘‘उठो जागो और तब तक मत रूको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो ’’। विवेकानन्द जी भारतीय संस्कृति के संवाहक थे। उन्होंने पूरे विश्व को भारत की संस्कृति से अवगत कराया। भारत की संस्कृति सर्वश्रेष्ठ संस्कृति है, यहां की संस्कृति में सबको साथ लेकर चलने की ताकत है। उन्होंने भारत की शौर्य, वीरगाथाओं और वसुधैव कुटुम्बकम् की संस्कृति से दुनिया को अवगत कराया। दर्शन एवं साधक के रूप में हम विवेकानन्द जी के चरित्र को समझ सकते हैं। शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक सभी तरह की शक्ति हमारे युवाओं में होनी चाहिए, इस पर भी उन्होंने विशेष बल दिया। विवेकानन्द जी ने उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा जनपद, बागेश्वर एवं अगस्त्यमुनी के स्मरणों का वर्णन किया है। उत्तराखण्ड से स्वामी विवेकानन्द जी का विशेष लगाव था। विवेकानन्द जी का जीवन दर्शन युवाओं के लिए हमेशा प्रेरणा स्रोत रहेगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आज प्रदेश के युवाओं के साथ जो संवाद हुआ, इसमें बहुत अच्छे सुझाव मिले। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि युवाओं द्वारा जो भी सुझाव दिये गये हैं, उनका संग्रह किया जाय। ये विचार सरकार के लिए नीतिगत निर्णय लेने में सहयोगी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवा जिस भी क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं, कार्य के प्रति समर्पण का भाव हो तो उसमें सफलता अवश्य मिलती है। राज्य सरकार द्वारा स्वरोजगार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। युवाओं को रोजगार तक ही सीमित न रहकर अपने साथ अन्य लोगों को रोजगार से जोड़ना होगा। स्वरोजगार के लिए राज्य में पर्याप्त संभावनाएं भी हैं। उत्पादों का वैल्यू एडिशन एवं प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कैसे हो, इस दिशा में और प्रयासों की जरूरत है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए ग्रोथ सेंटर पर कार्य किया जा रहा है। ग्रोथ सेंटर आज आजीविका बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। यूएनओ की रिपोर्ट के अनुसार एडवेंचर टूरिज्म में रोजगार की सबसे अधिक संभावनाएं हैं। राज्य सरकार ने एडवेंचर टूरिज्म के लिए एक अलग विंग बनाई है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र से राज्य के युवाओं ने संवाद स्थापित करते हुए अपने अनुभवों को साझा किया। सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से युवा कैसे लाभान्वित हो रहे हैं, प्रदेश को और तेजी से प्रगति पथ पर ले जाने के लिए क्या प्रयास होने चाहिए और सरकार की योजनाओं के बारे में दूरस्थ क्षेत्रों तक लोगों को जानकारी हो इस बारे में सुझाव दिये गये।

शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द जी का मूल उद्देश्य व्यक्तित्व निर्माण था। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रत्येक विकासखण्ड में दो अटल उत्कृष्ट विद्यालय खोले जा रहे हैं। इसका शासनादेश भी जारी हो गया है। इस शैक्षणिक सत्र से इनकी शुरूआत हो जायेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की खेल नीति जल्द प्रकाशित होने वाली है। उसके बाद अनेक युवाओं को खेलों के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने का मौका मिलेगा।

उच्च शिक्षा एवं सहकारिता राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि विवेकानन्द जी का जन्म दिवस प्रदेश में युवा चेतना दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। आज प्रदेश भर में 127 स्थानों पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को क्रमशः 01 लाख, 75 हजार एवं 50 हजार रूपये पुरस्कार स्वरूप दिये जायेंगे। ये पुरस्कार 23 जनवरी को मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा सुभाषचन्द्र बोस की जयंती के अवसर पर दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि आज से 23 जनवरी तक 125 स्थानों पर ब्लड डोनेशन के कार्यक्रम भी मुख्यमंत्री के निर्देशन में किये जा रहे हैं। गरीब बच्चे जो रिसर्च करना चाहते हैं, ऐसे बच्चों को मुख्यमंत्री रिसर्च फैलो पुरस्कार दिया जायेगा। गरीब बच्चों के लिए आईएएस एवं पीसीएस की कोचिंग के लिए 1 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। यह कोचिंग जिन परिवारों की वार्षिक आय 2.5 लाख से कम होगी उनको दी जायेगी।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव राधिका झा,  वर्चुअल माध्यम से कुमायूं कमिश्नर अरविन्द सिंह ह्यांकी, सभी जिलाधिकारी एवं युवा उपस्थित थे।

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