ननद-भाभी को 4 युवकों ने बनाया हवस का शिकार, सामने आई गैंगरेप की काली करतूत

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जिला मुख्यालय से सटे एक गांव से आठ दिन पहले संदिग्ध हालत में लापता हुई ननद-भाभी के साथ बरेली और बदायूं में गैंगरेप हुआ था। इसका खुलासा ननद-भाभी की ओर से बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयानों से हुआ।

पीड़िताओं के बयान के बाद हरकत में आई पुलिस ने बरेली, बदायूं निवासी चार आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 366, 376 के तहत मामला दर्ज करने के साथ मानव तस्करी की धारा 370 के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को हिरासत में लेने का दावा किया है।

विवाहिता के पति ने आठ दिन पहले पुलिस को तहरीर दी कि उसकी पत्नी और उसकी कुंआरी बहन संदिग्ध हालात में लापता हो गई हैं। तहरीर के आधार पर पुलिस ने दोनों की गुमशुदगी दर्ज कर दोनों के मोबाइल फोन सर्विलांस पर लगा दिए।

इस मामले में पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल के निर्देश पर पुलिस, एसओजी और ह्यून ट्रैफिकिंग सेल की टीम को तैनात किया था। पुलिस की टीमों ने सर्विलांस के आधार पर बरेली, बदायूं में छापेमारी के साथ लापता ननद और भाभी को दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य से बरामद कर लिया। पुलिस ने दोनों का मेडिकल कराने के बाद उन्हें बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया।

कोतवाल सलाउद्दीन खान के अनुसार मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयानों में पीडिताओं ने बरेली-बदायूं निवासी तारीक, राहुल, तारीक अहमद और नाजिम पर उन्हें बहला-फुसला कर ले जाने और विभिन्न स्थानों पर ले जाकर गैंगरेप करने का आरोप लगाया है।इसके बाद आरोपियों पर मानव तस्करी की धारा में भी मामला दर्ज कर एक आरोपी नाजिम को हिरासत में ले लिया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक मामले की विवेचना उप निरीक्षक विजय कुमार कर रहे थे, लेकिन मानव तस्करी का मामला प्रकाश में आने के बाद अब विवेचना ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल की प्रभारी मंजू पांडेय को सौंपी गई है।

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