कुंभ में सोशल मीडिया मॉनीटरिंग सेल स्थापित करने के निर्देश

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डीजीपी अशोक कुमार ने कुंभ में सोशल मीडिया मॉनीटरिंग सेल स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। ताकि, राष्ट्रविरोधी और सांप्रदायिक पोस्ट आदि सामग्री पर नजर रखी जा सके। इसके अलावा उन्होंने भीड़ प्रबंधन के लिए सारी तैयारियां पूरी करने को कहा है। साथ ही पूरे कुंभ क्षेत्र में सीसीटीवी मैपिंग और उसकी निगरानी के भी आदेश दिए हैं।

डीजीपी ने सभी अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कुंभ को सकुशल रूप से संपन्न कराने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा। पिछली बैठक में तय हुआ था कि मकर संक्रांति का स्नान कुंभ पुलिस ही कराएगी। लिहाजा, सेक्टरवार पुलिस अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों को बता दिया जाए। इसके साथ ही कुंभ क्षेत्र में रहने वाले बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन समय से कराने के निर्देश भी उन्होंने दिए।

उन्होंने कहा कि यातायात सुगमता से चले, इसके लिए यातायात निदेशक को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। कहा कि प्रबंधन के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाए। ताकि, समय रहते इस पर काम कर तैयारियां की जा सकें। विभिन्न राज्यों से समन्वय स्थापित कर राष्ट्रविरोधी तत्वों, अपराधियों और नामी अपराधियों से संबंधित अभिसूचना इकट्ठा करने के लिए टीमों को भी रवाना किया जाए। कहा कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में मॉकड्रिल शुरू की जाए। इनमें बस अड्डा, रेलवे स्टेशन, अस्थायी बस अड्डे आदि शामिल किए जाएं।

कुंभ में आने वाले कराएं कोरोना की जांच : हरिगिरि
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि ने कहा कि कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालु कोरोना की जांच कराकर आएं और रिपोर्ट अखाड़ों को दें, ताकि वह इनकी जांच रिपोर्ट प्रशासन को दे सकें। प्रेस को जारी बयान में उन्होंने कहा कि कोरोना की स्थित छह महीने पहले जो थी, अब नहीं है और आगे भी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के स्वस्थ होने पर उन्हें जल्द ही चादर ओढ़ाकर सम्मानित करेंगे।

अखाड़ा परिषद को सोच बदलने की जरूरत: स्वामी त्रिपाठी
प्रयागराज में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक में किन्नर अखाड़े को फर्जी बताए जाने पर किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कड़ी निंदा की है। आचार्य महामंडलेश्वर ने कहा कि सबको साथ लेकर चलने से ही समाज और मनुष्य का विकास होता है। बदलाव दृष्टि का नियम है। अखाड़ा परिषद को भी अपनी सोच बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किन्नर सनातनी हैं। अपनी आवाज उठाने और हक मांगने में सक्षम हैं।

आचार्य महामंडलेश्वर ने अखाड़ा परिषद के बयान का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि 2019 के प्रयागराज कुंभ में 13 अखाड़े और किन्नर अखाड़े के बीच बहुत मतभेद थे। जूना अखाड़े ने वाद-विवाद खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद के कुछ लोग किन्नरों को समाज की मुख्य धारा से जुड़ने से रोड़ा अटका रहे हैं।

किन्नरों का स्वागत करने के बजाय कटाक्ष करने का मौका ढूंढते हैं। ऐसे लोगों को कुएं के मेंढक की तरह नहीं सोचना चाहिए और विचारधारा बदलनी चाहिए। आचार्य महामंडलेश्वर ने उम्मीद जताई है कि 2021 के कुंभ में उत्तराखंड की त्रिवेंद्र रावत सरकार किन्नर अखाड़े को सुविधाएं मुहैया कराएगी।

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