हेलमेट न लगाने पर देना होगा ‌‍‌‍₹2500 का जुर्माना

0

शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक-2016 में कई और संशोधनों को मंजूरी देने के बाद अब यह अधिनियम और भी कठोर बन गया है। नए अधिनियम के मुताबिक नशे में ड्राइविंग करने वालों पर पहले से पांच गुना ज्यादा 10,000 रुपये का जुर्माना बसूला जाएगा।यदि नशे में ड्राइविंग करते हुए किसी की मौत होती है तो ड्राइवर को 10 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है। साथ ही गैर-जमानती अपराध के तहत ओरोपी को बुक किया जाएगा। गौरतलब है कि मोटर वाहन अधिनियम 1989 करीब 30 साल पुराना कानून है। अब विधेयक के जरिये इस कानून में कई अहम बदलावों का प्रस्ताव किया गया।

विधेयक के जरिये इस कानून में कई अहम् बदलावों का प्रस्ताव किया गया है जिससे इस ड्राइविंग के नियमों को तोड़ने वालों की खैर नहीं होगी। आइए जानते हैं कुछ अहम प्रस्तावों के बारे में-

– किशोर को कार सौंपने वाले कार मालिकों के वाहन का पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा। यदि किशोर द्वारा कार चलाते समय कोई दुर्घटना होती है तो किशोर के परिवार को 25,000 रुपये तक जुर्माना या तीन साल की जेल व दोनों हो सकते हैं।

– शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 2 हजार की जगह 10 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा।

– हेलमेट न लगाने पर 2500 रुपये व लाल बत्ती तोड़ने पर 1000 रुपये जुर्माना देना होगा साथ ही तीन महीनों के लिए लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।

– सीट बेल्ट न लगाने पर 1000 रुपये और वाहन चलाते हुए मोबाइल पर बात करने पर 5,000 रुपये जुर्माना होगा। लाइसेंस भी रद्द हो सकता है।

– हिट और रन के मामले में मौत होने पर मुआवजा 2 लाख रुपये और चोट लगने पर 50,000 रुपये का मुआवजा देना होगा।

– सरकारी कर्मचारियों के नियम तोड़ने पर 2 गुना जुर्माना भरना होगा।

वहीं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को खुलासा किया कि देश में करीब 30 प्रतिशत ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी हैं। गडकरी ने यहां ‘स्मार्ट इंडिया हेकाथन-2017’ के फाइनल के दौरान अपने संबोधन में कहा कि जल्द ही देश में ई-गवर्नेंस के तहत ड्राइविंग लाइसेंसों का इलेक्ट्रिॉनिक पंजीकरण किया जाएगा। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) के लिए भी तीन दिन में ड्राइविंग लाइसेंस जारी करना अनिवार्य बनाया जाएगा। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

गडकरी ने कहा, ड्राइविंग लाइसेंसधारक की जानकारी देशभर में उपलब्ध होगी और वह किसी अन्य जगह से फर्जी लाइसेंस नहीं बनवा सकेगा। इसके साथ ही व्यक्ति चाहे बड़ा हो या छोटा, बिना ड्राइविंग टेस्ट के ड्राइविंग लाइसेंस नहीं ले सकेगा। उन्होंने कहा कि देशभर में 28 ड्राइविंग परीक्षण केंद्र खोल दिए गए हैं। जल्द ही 2,000 केंद्र और खोले जाएंगे। ट्रैफिक सिग्नलों पर कैमरे भी लगाए जाएंगे। केंद्रीय मंत्री ने देश में सड़क दुर्घटनाओं में मौत के मामलों में 50 प्रतिशत के लिए सड़क इंजीनियर को जिम्मेदार बताया। इंजीनियरों द्वारा सड़क का गलत डिजाइन वास्तव में एक चिंता का विषय है।

Loading...