डोकलाम पर भारत-चीन के बीच बातचीत, डोभाल ने रखा भारत का पक्ष

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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के स्टेट काउंसलर यांग जिएची और विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों ने आज भारत-चीन सीमा वार्ता के 20वें दौर की बातचीत की। पूरे दिन चलने वाली वार्ता के दौरान डोकलाम सहित दोनों देशों के बीच सीमा संबंधी विभिन्न अनसुलझे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

डोकलाम गतिरोध इस वर्ष 16 जून से शुरू हुआ था। जो भारत-चीन की आपसी सहमति के बाद 28 अगस्त को समाप्त हुआ। विशेष प्रतिनिधियों की 20वें दौर की वार्ता में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल और चीन के स्टेट काउंसलर यांग जियेची के बीच 4000 किलोमीटर सीमा पर अमन-चैन बरकरार रखने के लिए विचार विमर्श की उम्मीद है।

वार्ता के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि चर्चा सीमा मुद्दे पर केंद्रित होगी। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर हम इस वार्ता तंत्र को काफी अहमियत देते हैं। वार्ता से पहले, चीन ने मंगलवार को कहा कि डोकलाम घटना ने द्विपक्षीय संबंधों के लिए ‘‘बड़ी चुनौती’’ पेश की और भविष्य में इस तरह की किसी तकरार को टालने के लिए इस घटना से सबक सीखना चाहिए।

गौरतलब है कि चीन और भारत के सैनिक डोकलाम में 16 जून से एक दूसरे के सामने डटे हुए थे। दरअसल, भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों को वहां एक सड़क बनाने से रोक दिया था। चीन उस इलाके में सड़क बना रहा था, जिस पर भूटान अपना दावा करता है। बाद में, 28 अगस्त को भारत और चीन के बीच आपसी सहमति के बाद गतिरोध खत्म हुआ। चीन की वन बेल्ट वन रोड परियोजना पर भारत के रूख के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा कि भारत की नीति बहुत स्पष्ट और सुसंगत है।

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