उत्तराखंड में बरसात के कहर से कई हुए घर तबाह,आवाजाही के रास्ते बंद. जन जीवन खतरे में

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उत्तराखंड में बार‌िश का कहर जारी है। गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक जन-जीवन अस्त व्यवस्त हो गया है। सोमवार देर रात और मंगलवार को हुई बार‌िश में कई घर तबाह हो गए। वहीं कुछ जगहों पर लोगों की जान पर भी खतरा बना हुआ है। कुमाऊं में मंगलवार को भी रुक-रुक कर कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होती रही। पहाड़ों पर तमाम स्थानों पर भूस्खलन से सड़कें बंद हो गईं। इस कारण यात्रियों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ा। नाचनी में कोट्यूड़ा गांव भूस्खलन की चपेट में आ गया। बागेश्वर जिले में सात सड़कों पर यातायात ठप पड़ा हुआ है। द्वाराहाट के जालली में एक दोमंजिला मकान गिर गया। तराई-भाबर में भी बारिश का क्रम जारी रहा लेकिन उमस बनी हुई है। नाले-नदी में दो लोगों के शव मिले हैं, इनकी डूबने से मौत की भी आशंका जताई जा रही है। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 48 घंटों में कुमाऊं के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।

हल्द्वानी में अधिकतम तापमान सामान्य से गिरने के बावजूद भी गर्मी से निजात नहीं मिल रही है। सरोवर नगरी नैनीताल में सोमवार देर रात्रि तल्लीताल के गंगा काटेज क्षेत्र में भूस्खलन से एक दीवार भरभराकर गिर गई। पिथौरागढ़ जिले के धारचूला इलाके में सोमवार रात बंदरलीमा के पास चट्टान टूटकर गिरने से पिथौरागढ़-तवाघाट एनएच पर पूरे दस घंटे तक वाहनों की आवाजाही बंद रही।

हादसे में बाल बाल बचे लोग

धारचूला, जौलजीबी, डीडीहाट, भागीचौरा, मुनस्यारी आदि स्थानों से पिथौरागढ़ को आने वाले और पिथौरागढ़ से इन स्थानों को जाने वाले वाहन बंदरलीमा में ही फंसे रह गए। उधर, नाचनी में कोट्यूड़ा गांव भूस्खलन की चपेट में आ गया है।

भूस्खलन से एक मकान को क्षति पहुंची है। 11 मकानों के लिए खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार  हुपली-सुंदरीनाग सड़क काटने में मानकों का ध्यान न रखने से ऐसा हुआ है।

धारचूला के हाट गांव में सोमवार सुबह हुए भारी भूस्खलन के कारणों का पता लगाने के लिए मंगलवार को भूवैज्ञानिकों की टीम पहुंची। टीम के सदस्यों ने कहा कि अब भी पहाड़ से पत्थर और मलबा गिरने का खतरा है। लोगों से अपील की गई कि वह भूस्खलन प्रभावित हिस्से में आवाजाही न करें।

बागेश्वर जिले में सोमवार की रात हुई मूसलाधार बारिश से कपकोट क्षेत्र में सात सड़कें  बंद हो गईं। मलबा आने से सामा-नौकोड़ी, खड़लेख-भनार, भनार-लांथी-नामतीचेटाबगढ़, कपकोट-लीली, हरसीला-पुड़कुनी, कपकोट-कर्मी और कपकोट-पोथिंग मोटर मार्ग पर यातायात अवरुद्ध है।

अल्मोड़ा जिले में द्वाराहाट तहसील के सुदूरवर्ती जालली में बारिश के दौरान दोमंजिला जीर्ण भवन गिर गया। घर में सोई एक बच्ची हादसे में बाल-बाल बच गई।

बारिश के दौरान मलबा आने से मर्चूला-मौलेखाल सड़क मार्ग कई घंटे बंद रहा। ऊधमसिंह नगर जिले के नानकमत्ता में देवीपुर निवासी चरण सिंह की लंकापुरी नाले में डूबने से मौत हो गई तो उधर नंधौर नदी में भी एक युवक की लाश मिली है।

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