राज्य विपदा में अधिकारी ले रहे हल्के में, जनता बेहाल

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उत्तराखंड राज्य में बरसात ने बुरा हाल किया हुआ है राज्य के आधा दर्जन से ज्यादा जनपद पानी में डूबे हुए हैं हरिद्वार में सड़कों का नामोनिशान सा मानो मिट गया हो और कुमाऊ के पिथौरागढ़ में बादल फटने के बाद चारों तरफ तबाही का मंजर हो लेकिन आपदा प्रबंधन विभाग के निदेशक साहब पीयूष रौतेला इतना सब कुछ हो जाने के बावजूद भी इन घटनाओं को सामान्य मान रहे हैं

आपदा प्रबंधन विभाग के निदेशक पीयूष रौतेला बेबाकी से यह कह रहे हैं कि राज्य में सब कुछ सामान्य है कहीं भी कोई जलभराव की स्थिति नहीं है और ना ही नदियां उफान पर है पीयूष रौतेला के बयान को सुन कर लगता है मानो राज्य में कहीं भी एक बूंद तक नहीं पड़ी है । जबकि हरिद्वार में कल देर रात से हो रही लगातार बारिश के बाद हालात ऐसे हैं कि लोगों को घर से निकलना ही मुश्किल हो रहा है हरिद्वार के मुख्य चौराहे रानीपुर मोड़ प्रेम नगर आश्रम बल्केश्वर कॉलोनी और ज्वालापुर इस तरह से में जलमग्न है । कई लाखों रुपए का नुकसान अकेले हरिद्वार में ही हो गया है उत्तराखंड के कुमाऊ के पिथौरागढ़ का भी यही हाल है कल देर रात बादल फटने की घटना के बाद से एक पुल के बह जाने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है वही हालात के बाद सैकड़ों परिवारों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है अभी भी एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें इलाके में लगकर रेस्क्यू कर रही हैं यह मात्र दो जगह का हाल नहीं है जबकि ऋषिकेश रुद्रप्रयाग चमोली उत्तरकाशी में बारिश ने भी अपना कहर मचा रखा है लेकिन ऐसी कमरे में बैठे आपदा प्रबंधन विभाग के निदेशक पीयूष रौतेला को इतने भर से भी सब कुछ सामान्य लगता है उनका कहना है कि राज्य के हालात बिल्कुल सही है और यह बातें बिल्कुल झूठी है कि कहीं पानी भरने की कोई घटना हुई है इनके बयान से अंदाजा लगाया जा सकता है कि हमारा राज्य का आपदा प्रबंधन विभाग के साथ-साथ राहत विभाग किस तरह से राज्य में काम कर रहा है

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