सिर्फ चार दिन में केदारनाथ में प्रसाद से हुर्इ नोटों की बरसात

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रुद्रप्रयाग: केदारनाथ यात्रा शुरू होने के मात्र चार दिन में ही दस लाख रुपये का स्थानीय प्रसाद बिक चुका है। जबकि, प्रसाद के एक लाख पैकेट अग्रिम रूप से तैयार कर केदारनाथ पहुंचा दिए गए हैं। इससे प्रसाद बनाने वाले स्वयं सहायता समूहों के साथ ही प्रशासन भी काफी उत्साहित है।

जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल के प्रयासों से इस बार जिले के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय उत्पादों से केदारनाथ का प्रसाद तैयार कर रही हैं। इस प्रसाद को यात्री काफी पसंद कर रहे हैं। इसलिए केदारनाथ के साथ ही सोनप्रयाग में भी प्रसाद के लिए स्टोर बनाया गया है, जहां से उसे केदारनाथ पहुंचाया जा रहा है।

जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि स्थानीय उत्पादों को केदारनाथ के प्रसाद में शामिल करने के पीछे मंशा यही है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध हों। इसके सकारात्मक परिणाम भी मिलने लगे हैं। इसलिए स्वयं सहायता समूहों से अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। बताया कि हेली सेवा से आने वाले यात्रियों को विशेष रूप से स्थानीय प्रसाद उपलब्ध कराया जा रहा है।

स्थानीय प्रसाद में यह है शामिल 

चौलाई के लड्डू, चौलाई का चूरमा, स्थानीय धूप बत्ती, स्थानीय शहद, मंदाकिनी व सरस्वती नदी का जल, बदरी-केदार की फोटो और बाबा केदार की भभूत (हवन कुंड की राख)। यात्रियों को प्रसाद रिंगाल की टोकरी, जूट-कपड़े के बैग और कागज के पैकेट में उपलब्ध कराया जा रहा है।

प्रसाद की कीमत 

कागज के पैकेट में: 30 रुपये

जूट व कपड़े के बैग में: 65 रुपये

रिंगाल की टोकरी में: 100 रुपये

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