16 मई को फिर इतिहास रचेगी त्रिवेंद्र सरकार, टिहरी झील में करेगी कैबिनेट बैठक

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टिहरी झील
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में होने वाली इस अनोखी बैठक में पर्यटन से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। उत्तराखंड में टिहरी एक बड़ा पर्यटक स्थल है, इसे लोगों की नजरों में लाने के मकसद से सरकार ये कदम उठाने जा रही है। टिहरी को बड़े पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए त्रिवेंद्र सरकार इसे बड़ी गंभीरता से ले रही है।

राज्य सरकार इस कैबिनेट बैठक के जरिए कोई बड़ा निर्णय ले सकती है। कैबिनेट बैठक टिहरी झील में चल रही बड़ी बोट में होगी, जिसमें राज्य सरकार के तमाम मंत्री मौजूद रहेंगे।

राज्य में सरकारें किसी की भी रहीं हों सभी सरकारों ने देहरादून से बाहर कैबिनेट करके कुछ ना कुछ संदेश देने का काम जरूर किया है। वो बात अलग है कि जब एक सरकार यह निर्णय लेती है तो दूसरी सरकार राजधानी से बाहर कैबिनेट करने को फिजूलखर्ची और सरकार की ड्रामेबाजी बताती है। विजय बहुगुणा से लेकर निशंक, हरीश रावत, त्रिवेंद्र सिंह रावत देहरादून से बाहर कैबिनेट बैठक कर चुके हैं।

देहरादून से बाहर अबतक हुई कैबिनेट की बैठक

  • सबसे पहले देहरादून से बाहर कैबिनेट बैठक तत्कालीन मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने हरिद्वार की हर की पैड़ी के गंगा घाट पर की थी, तब विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने भी खूब हो-हल्ला किया था। ये बैठक 30 अप्रैल 2011 को हुई थी।
  • इसके बाद सीएम विजय बहुगुणा ने चमोली में 3 नवंबर 2012 को कैबिनेट बैठक की। उस दौरान विजय बहुगुणा पर खूब फिजूलखर्ची का आरोप लगा था।
  • हरीश रावत ने अल्मोड़ा और हरिद्वार के चुड़ियाला में भी कैबिनेट बैठक करके स्थानीय वोटरों को लुभाने की कोशिश की थी। भराड़ीसैंण और गैरसैंण में भी कैबिनेट की बैठकें हो चुकी हैं।
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