हिमाचल में तूफान-ओलावृष्टि ने एक बार फिर मचाई तबाही

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हिमाचल में शुक्रवार देर रात हुए आंधी-तूफ़ान ने एक बार फिर भारी तबाही मचा दी है। मंडी के सुंदरनगर में अंधड़ से 1 व्यक्ति की मौत हो गई है। रामपुर, निरमंड में ओले गिरने से कुछ क्षेत्रों में सेब की 70 फीसदी फसल बर्बाद हो गई है।

मंडी जिले में गेहूं, सेब, आम, जौ, लहसुन, मटर, गोभी, सेब, खुमानी और आडू की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। ओलों की बौछार इतनी तेज थी कि गाडि़यों के शीशे और घरों के स्लेट तक टूट गए हैं।

कांगड़ा में आम की 15 फीसदी फसल बर्बाद हो गई है। ऊना जिले में कई जगह पेड़ गिरने से बिजली गुल रही तो कई सड़कों पर यातायात भी ठप रहा। चतेहड़ गांव में ट्रांसफार्मर में स्पार्किंग से एक पशुशाला भी जलकर राख हो गई।

सिरमौर के पांवटा की डांडा पंचायत के कुल्थीना गांव में बारिश से एक गौशाला ढह गई। इसमें बंधी दो गायें और एक बछड़े की मौत हो गई। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने रविवार को भी अंधड़ और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।

रविवार और सोमवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम खराब रहेगा जबकि 23 से 26 मई तक शुष्क रहने के आसार हैं। जानकारी के अनुसार सुंदरनगर के भवाणा निवासी जय लाल (45) शुक्रवार देर रात अंधड़ के दौरान दो मंजिला मकान के लेंटर पर रखी टीन की चद्दरें उठाने गए थे।

जैसे ही उन्होंने चद्दरें उठाईं, तेज हवा से वह उन्हें नहीं संभाल पाए और लेंटर से टीन सहित करीब 25 फीट नीचे आंगन में जा गिरे, जिससे उनकी मौत हो गई।

करसोग, जंजैहली, चौहारघाटी में एक इंच तक मोटे ओले गिरे हैं। चौहारघाटी में कई गाडि़यों के शीशे टूट गए हैं। चौहारघाटी के 35 गांवों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। सुंदरनगर, बल्ह, सरकाघाट, धर्मपुर उपमंडलों में आम की फसल प्रभावित हुई है।

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