देवभूमि में लड़कियां ही नही लड़के भी बन रहे हवस का शिकार

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देवभूमि उत्तराखण्ड में अब बड़े चौंकाने वाले मामले सामने आ रहे है। मामला राज्य की राजधानी देहरादून के ऋषिकेश श्यामपुर क्षेत्र का है जहां एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका 11 वर्षीय बेटा गांव के बच्चों के साथ खेल रहा था। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वह घर नहीं पहंुचा तो उसने साथ खेल रहे बच्चों से पूछा तो उन्होंने बताया कि दो लड़के उसे अपने साथ जंगल की ओर ले जा रहे थे।

जब महिला पड़ोसियों के साथ अपने बेटे को ढूंढ रही थी तो तभी जंगल की ओर से उसका बेटा आता हुआ दिखाई दिया। पूछने पर उसने बताया कि उसके साथ जंगल में एक लड़के ने गलत काम किया है।

‘‘पांच नवंबर 2016 को अंजाम दिए गए इस मामले में नाबालिग के साथ कुकर्म के मामले में सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट एवं अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना सागर ने आरोपी को मामले में दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास एवं 20 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई।

शासकीय अधिवक्ता कुशल पाल सिंह चैहान ने बताया कि वादिनी ने पांच नवंबर 2016 को थाना श्यामपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका 11 वर्षीय बेटा गांव में बच्चों के साथ खेल रहा था।

पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर पवन पुत्र राजेंद्र निवासी ग्राम चंदौसी सहादतीपुर शक्तिनगर रेलवे स्टेशन के पास जिला मुरादाबाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

जांच के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किए। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता चैहान ने आठ गवाह पेश किए।

दोनों पक्षों के साक्ष्यों पर गौर करने व सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट अर्चना सागर ने आरोपी पवन को दोषी दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

इसके बाद से पीड़ित पक्ष में खुशी का माहौल है। लेकिन इस तरह के मामले मानसिक विकृति की दस्दीक करते हैं।’’-साभार

 

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