योगी सरकार ने दर्जनों अवैध बूचड़खाने पर गिरायी गाज, मांस की दुकानें बंद

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वाराणसी : उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नयी सरकार के कार्यकाल में अवैध बूचड़खानों पर तेजी से कार्रवाई जारी है. दो दिनों के भीतर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर दर्जनों अवैध बूचड़खानों को बंद करवाया गया है. आपको बता दें कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव में इस मामले को मुद्दा बनाया था.

इसी क्रम में मंगलवार को वाराणसी के जैतपुरा पुलिस थाना क्षेत्र के कमलगदाहा इलाके में जिला प्रशासन ने कथित रुप से गैरकानूनी तरीके से चलाया जा रहा एक बूचडखाना सील कर दिया. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा सरकार के गठन के दो दिन बाद ही यह घटनाक्रम सामने आया.

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जानकारों के मुताबिक, यूपी में अवैध बूचड़खाने बंद होने से राज्य को सालाना करीब 11 हजार 350 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। योगी सरकार बनने के बाद एनजीटी के 2016 के आदेश मुताबिक इलाहाबाद के 2 अवैध बूचड़खानों को सीज किया जा चुका है। हालांकि यूपी सरकार ने आश्वस्त किया है कि केवल अवैध बूचड़खानों को ही बंद किया जाएगा। दो साल पहले एनजीटी भी अवैध बूचड़खानों पर बैन लगा चुका है।

मेरठ में मौजूद एक वैध बूचड़खाने ‘अल फहीम मीटेक्स’ के मोहम्मद इमरान याकूब भी बेहद चिंतित हैं। उनके यहां 1,500 लोग काम करते हैं। याकूब ने ईटी से कहा, ‘चुनाव में पहले विकास की बात कही गई, लेकिन बीजेपी बाद में गोलबंदी की तरफ मुड़ गई और उसने कहा कि वह यूपी के सभी बूचड़खानों को बंद कर देगी। हम सिर्फ इतनी उम्मीद करते हैं कि यह चुनावी बयानबाजी साबित हो। क्या रजिस्टर्ड बूचड़खानों को बंद किया जा सकता है? हमारा काम भैंसों के मीट का है।’

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अवैध बूचड़खाने
अवैध बूचड़खानों पर योगी सरकार ने सबसे पहले चोट की है. रविवार को योगी ने सीएम पद की शपथ ली और सोमवार से ही अवैध बूचड़खाने बंद करने की कार्रवाई होने लगी. वाराणसी लेकर लखीमपुर खीरी, गाजियाबाद और मेरठ जैसे तमाम शहरों में अवैध बूचड़खानों पर प्रशासन का डंडा चल गया.

महिलाओं से छेड़खानी
योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा को अपना चुनावी मुद्दा बनाया. हर मंच से वह महिला सुरक्षा की बात करते रहे. संकल्प पत्र में बीजेपी ने महिलाओं को छेड़खाने से बचाने के लिए एंटी रोमियो स्क्वायड बनाने का वादा किया था. इस वादे पर भी योगी ने काम चालू कर दिया है. मंगलवार को कई जगह कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं से छेड़खानी करने वाले मनचलों की धरपकड़ की गई.

दंगों पर रोक
यूपी में दंगे भी बीजेपी का चुनावी मुद्दा रहा. मुजफ्फरनगर दंगों को लेकर खुद योगी आदित्यनाथ ने तत्कालीन सपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया. मंगलवार को सदन में अपने आखिरी भाषण में भी योगी ने दंगों पर बात रखी. योगी ने सदन को आश्वस्त किया कि बीजेपी के शासनकाल में यूपी दंगा मुक्त प्रदेश बनेगा. मंगलवार को संसद में योगी ने कहा कि दूसरी सरकारों के रहते पूरे यूपी में बड़ी संख्या में दंगे हुए लेकिन उन्होंने पूर्वी यूपी में एक भी दंगा नहीं होने दिया.

 

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फर्जी मुकदमे
यूपी में चुनाव प्रचार के दौरान कई ऐसे मौके आए जब पीएम मोदी ने थानों को सपा कार्यालय करार दिया. मोदी समेत बीजेपी के तमाम नेताओं ने पुलिस पर सपा नेताओं के दबाव में काम करने का आरोप लगाया. साथ ही बेकसूरों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज करने के आरोप भी लगे.

 

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