सचिवालय में फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर पहुंचे चार युवक

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सचिवालय में नौकरी के नाम पर बड़े फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ है। फर्जीवाड़े के आरोपी और पीड़ितों को कुछ देर बाद ही एक अफसर के निर्देश पर छोड़ दिया गया। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने इस पूरे मामले के जांच के आदेश दिए हैं।

शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे चार युवक सचिवालय में प्रवेश का पास बनाने के लिए पास ऑफिस पहुुंचे। उन्होंने अपना नियुक्ति पत्र दिखाते हुए कहा कि सचिवालय में उन्हें पीआरडी में नौकरी मिली है। पास आफिस ने सुरक्षाकर्मियों को इसकी जानकारी दी। इस पर सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें दबोच लिया। पूछताछ में पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी हैं। युवकों ने बताया कि नियुक्ति पत्र देने वाला सचिवालय के बाहर खड़ा है। सुरक्षाकर्मियों ने उसे भी पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसका नाम संदीप बिष्ट है और कोटद्वार का रहने वाला है। वह सचिवालय में उपनल के माध्यम से संविदा नौकरी कर रहा था। दो दिन पहले ही उसने नौकरी छोड़ी। संदीप ने कबूल किया कि उसने पांच युवकों से 60-60 हजार रुपये लेकर उन्हें पहले पीआरडी और बाद में संविदा पर सचिवालय में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। संदीप से कुछ सचिव और अपर सचिव के लेटरपैड पर फर्जी नियुक्ति पत्र मिले।

किसने कहा मामला निपटा लो
आरोपी ने मीडिया से कहा कि उसे निर्देश दिए गए हैं कि पैसे लौटाकर मामला निपटा लो। सवाल यह है कि सचिवालय के किस अधिकारी ने उसे ऐसा करने को कहा।

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा,’मामला गंभीर है। इसकी जांच होगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। आरोपी को पकड़कर क्यों छोड़ा गया, इस तथ्य की भी बारीकी से जांच की जाएगी।’

इस मामले में सचिव हरबंश चुघ ने कहा, ‘सचिवालय प्रशासन को आरोपियों की गिरफ्तारी का अधिकार नहीं है, इसलिए उन्हें छोड़ा गया। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दे दिए हैं।’

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