पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने किया था जीवन के सबसे बड़े अफसोस का जिक्र

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कलाम बचपन से ही काफी होनहार थे ओर सुबह 4 बजे उठते थे और स्नान करने के बाद गणित पढ़ने चले जाते थे,उनके अध्यापक स्वामीयर की यह विशेषता थी कि जो विद्यार्थी स्नान करके नहीं आता था,वह उसे नहीं पढ़ाते थे,वे कलाम के साथ साथ पाँच और विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष नि:शुल्क ट्यूशन पढ़ाते थे,लिहाजा, तभी से डॉक्टर कलाम को सुबह उठने की आदत है,देश के पूर्व राष्ट्रपति रह चुके डॉक्टर अब्दुल कलाम बचपन में अखबार भी बांटा करते थे,दरअसल,वे अपने पिता की आर्थिक तौर पर मदद करना चाहते थे, जिसके लिए वे स्कूल से आने के बाद अखबार बांटने निकल जाया करते थे, कलाम सर रक्षा मंत्री के रक्षा सलाहकार भी रहे.,इस दौरान वाजपेयी सरकार ने पोखरण में दूसरी बार न्यूक्लियर टेस्ट भी किए और भारत परमाणु हथियार बनाने वाले देशों में शामिल हो गया,डॉ कलाम सर को भारत रत्न सम्मान से नवाजा गया,आपको बता दें,डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्ण और डॉ जाकिर हुसैन के बाद कलाम ही एक ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने भारत रत्न मिलने के बाद राष्ट्रपति का पद संभाला,के आर नारायण के हाथों इन्हें भारत रत्न सम्मान प्राप्त हुआ था,डॉ. कलाम को पीपुल्स प्रेसिडेंट भी कहा जाता है,क्योंकि वे आम लोगों से काफी नजदीकी रिश्ता बनाकर रखते थे,डॉक्टर कलाम ने एक बार कहा था कि किताबें उनकी प्रिय मित्र हैं,और उनके घर में लाइब्रेरी है,जिसमें हजारों पुस्तकें हैं,वह किताबें उनकी सबसे बड़ी संपदा है,डॉक्टर कलाम युवाओं और बच्चों के बीच खासे लोकप्रिय हैं,यह उनकी लोकप्रियता का ही आलम है कि साल लगातार चार सालों तक एम.टी.वी ने बतौर यूथ ऑइकन ऑफ दि ईयर नॉमिनेट किया था,एक इंटरव्यू के दौरान डॉक्टर कलाम ने कहा था,कि संगीत और नृत्य एक ऐसा साधन है,जिसके जरिए हम वैश्विक शांति सुनिश्चित कर सकते हैं,कला में पूरे विश्व को साथ लाने की ताकत है,डॉक्टर कलाम को संगीत से खासा लगाव है,इन्हें मिसाइल मैन के नाम से भी संबोधित किया जाता है,डॉक्टर अब्दुल कलाम को प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में भारत का पहला स्वदेशी उपग्रह SLV-3 प्रक्षेरपास्त्र बनाने का श्रेय हासिल है,भारत के राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम जब स्विट्ज़रलैंड की यात्रा पर वहां पहुंचे,तो स्विट्ज़रलैंड सरकार ने उस दिन को विज्ञान दिवस घोषित किया जो डॉ.आज़ाद को समर्पित है,एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने जीवन के सबसे बड़े अफसोस का जिक्र किया था उन्होंने कहा था कि वह अपने माता पिता को उनके जीवनकाल में 24 घंटे बिजली उपलब्ध नहीं करा सके.ऐसे महान व्यक्तित्व,का भारत में पैदा होना हम सब भारतीयों के लिए गर्व की बात है,डॉ अब्दुल कलाम जी को जन्मदिन पर कोटि कोटि प्रणाम।

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