शिक्षा के नाम पर मौत पाते हैं। सब नागरिक ध्यान दें,बच्चों को संभाल कर ही स्कूल भेजे,इस प्रकार के स्कूलों पर जनमानस का अब कोई विश्वास नहीं रह गया है!

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देश की राजधानी दिल्ली, गुड़गाव ओर ग़ाज़ियाबाद में पिछले 2 दिनों के स्कूल की घटनाओं पर विचार किया जाय तो, स्कूलों में बचो के साथ यौन शोषण की इतनी ज्यादा घटनाये हो रही है की हमारे समाज के लिए इससे ज्यादा शर्मनाक ओर घिर्णित अपराध और क्या हो सकता है जहाँ 1 दिन पहले गुड़गाव के रियान इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा 2 में पड़ने वाले बचे के साथ यौन शोषण करके स्कूल के ड्राइबर ने बचे को चाकू से लहू लुहान कर दिया । कल एक ओर घटना शाहदरा दिल्ली के प्राइवेट स्कूल में 5 साल की बची के साथ स्कूल के चपरासी ने योन शोषण किया और मुह बंद रखने की धमकी दी । तीसरी घटना ग़ाज़ियाबाद में बस ने 5 साल की बची को बस से रौंदकर आगे निकल गया ऐसे न जाने कितने घरो के चिराग बुझ गए एक ओर अभी कुछ दिन पहले उत्तराखंड की राजधानी देहरादून धर्मपुर में खंडूडी क्लासेस चलाने वाले स्कूल में छात्रओं का यौन शोषण करता था ऐसी घटना का एक सर्बे किया जाय तो हर कोई चोंक जाएगा ।दोस्तो ये एक लेख इसलिए लिखना पढ़ा कि सभी माँ-बाप सजग हों जाएँ तो बहुत हद तक वे अपने बच्चों को यौन शोषण का शिकार होने से बचा सकते हैं। भारत में बाल यौन शोषण से सम्बंधित बहुत कम घटनाएं ही दर्ज कि जाती हैं क्योँकि इससे परिवार की बदनामी होने का डर रहता है। हमारे हर घर की एक आम कहावत है – ‘ऐसी बातें घर की चार-दिवारी के अन्दर ही रहनी चाहिये।’ नही तो परिवार की बदनामी हो जाएगी।।ऐसी बातों से अपराधी को ओर बढ़ावा मिलता है।। अगर आंकड़ों की माने तो हर चार में से एक बच्ची के साथ और हर छे में से एक बच्चे के साथ यौन शोषण होता है। जरा सोचिये इस बात को की आप एक क्लास रूम में प्रवेश करते हैं जहाँ 30-से-40 छोटे बच्चे बैठें हों। सोचने में कितना अजीब लगता है की वहां बैठे हर चौथे बच्चे के साथ यौन शोषण हो रहा है। थोड़ी शर्म सी महसूस हुई न। सिर्फ सोचने में यह बात रोंगटे खड़े कर देती है, मगर ये बात 100 %सच है! हर मा बाप थोड़ा सा समय निकाल कर हर दिन अपने बचो के प्रति सजग रहे और रोजाना के घटना क्रम के बारे में बचो से उनकी दिन भर की गतिविधियों उनसे रोज मिलने जुलने वालो के बारे में बातचीत करे । यौन शोषण से बचाने के लिए माँ-बाप को कुछ निम्न बातों का ख्याल रखना चाहिये ।कैसे पता करें की कहीं आप के बच्चे के साथ स्कूल में या बाहर कही यौन शोषण तो नहीं हो रहा? सरकारी सर्वेक्षण के अनुसार भारत में हर 12 घंटे में 10 साल से कम उंमर की लड़की के साथ बलात्कार होता है।साल 2015 में 10,000 से ज्यादा बच्चियोँ के साथ बलात्कार हुआ है । बच्चों को यौन शोषण से बचाने के लिए माँ-बाप को निम्न बातों का ख्याल रखना चाहिए 1– बाल यौन शोषण में बच्चों के साथ छेड़छाड़ के रुप में बच्चे को गलत तरीके से छूने और संपर्क बनाने जिसमें दुलारना, भद्दी टिप्पणियाँ और संदेश देना, बच्चों को अश्लील साहित्य दिखाना शामिल है। यह काफी शर्म की बात हैं की हमारे देश मैं ऐसा होता है और ऐसे बीमार मानसिकता के लोग रहते हैं। अगर माँ-बाप आपने बच्चों को यौन शोषण के प्रति जागरूक कर सके तो वे आपने बच्चों को बाल यौन शोषण का शिकार होने से बचा सकते हैं। 2–आप अपने बच्चे को किसी आपरिचित सदस्य के साथ कभी अकेला न छोड़ें।अपने बच्चे को किसी के पास अकेला छोड़ने के बजाये ऐसी जगह छोड़े जहाँ और लोग भी मौजूद हों। 3–अपने बच्चे को ऐसे sports club, tution center, तथा play schools में भेजें जहाँ आप कभी भी निरक्षण के लिए बिना रोक-टोक के आ सकते हैं। 4– यह भी निश्चित करें की यहां काम करने वाले सभी volunteers, peon का अच्छी तरह बैकग्राउंड check किया गया है। अगर आपने अपने बच्चे को किसी की निगरानी में छोड़ा है तो औचक निगरानी करें। 5–नजर रखें की आप के बच्चे किस तरह इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। कई बार इंटरनेट के माध्यम से भी लोग बच्चों को बहलाने-फुसलाने की कोशिश करते है मोबाइल को बचो से दूर रखें । यह सब समझाने की आवश्यकता नहीं की कुछ लोग बुरे होते हैं और बुरी-बुरी हरकत करते हैं। सिर्फ यह समझएं की क्या सही है और क्या नहीं।

राकेश मेहरा, ग्यारह गाव हिंदाव से ।।

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