Electronic Mode और Cheque से मिलेगी सभी को सैलेरी

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नई दिल्ली। कैश की कमी के बीच सरकार अपने वेतन अधिनियम में संशोधन करने के लिए एक अध्यादेश जल्द ही जारी कर सकती है। इस अध्यादेश के अनुसार सभी व्यापारों और औद्योगिक प्रतिष्ठान अपने कर्मचारियों को चेक और इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से वेतन दे सकेंगे।
15 दिसंबर को लोकसभा में प्रस्तावित किया गया बिल
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सरकार वेतन अधिनियम नियम 1936 में संशोधन करने जा रही है। इस संशोधन से कुछ खास इंडस्ट्रीज को कर्मचारियों की सैलेरी चेक और इलेक्ट्रिॉनिकली ट्रांसफर करने की अनुमति मिलेगी। सूत्रों के अनुसार इस बिल को लोकसभा में 15 दिसंबर 2016 को प्रस्तावित किया गया था। इस बिल को अगले साल बजट सत्र में पारित किया जाएगा। सरकार दो महीने का इंतजार करने की बजाय एक अध्यादेश जारी करेगा। उसके बाद इसे संसद में पारित करवाया जाएगा। बता दें कि सरकार किसी भी नए नियम को तुरंत लागू करने के लिए अध्यादेश जारी कर सकती है। एक अध्यादेश करीब छह महीने तक ही मान्य होता है। छह महीने के अंदर ही सरकार को इस अध्यादेश को संसद में पारित करवाना होगा।
वेतन अधिनियम कानून के सेक्शन 6 में होंगे बदलाव
वेतन अधिनियम के संशोधित बिल 2016 में मूल कानून के सेक्शन 6 में बदलाव किए जाएंगे। इस कानून में संशोधन के बाद व्यापार करने वाली कंपनियां वेतन चेक के जरिए या सीधे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर सकेंगी। ये बिल नोटबंदी के मुद्दे के बीच केंद्रीय श्रम मंत्री बंदारू दत्तात्रेय ने प्रस्तुत किया था। इससे राज्य सरकार भी सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को कैशलेस तरीके से वेतन देने की अनुमति दे सकेंगी। ये नया तरीका डिजीटल और कम कैश वाली अर्थव्यवस्था को अपनाने के लिए लागू किया जा रहा है। इस कानून में संशोधन होने के बाद आंध्रप्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, केरल और हरियाण पहले ही वेतन देने के लिए इन माध्यमों को लागू कर चुके हैं।
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