दो साल में दुष्कर्म के आठ हजार मामले, मुआवजा सिर्फ 45 को

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भोपाल। प्रदेश में पुलिस की लापरवाही से दुष्कर्म सहित अन्य अपराध का शिकार होने वाली महिलाओं को राज्य सरकार अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना का लाभ नहीं दे रही है। स्थिति यह है कि प्रदेश में जहां पिछले दो साल में दुष्कर्म के 8 हजार 342 मामले दर्ज हुए, वहीं मुआवजा सिर्फ 45 महिलाओं को मिला। पीड़ित महिलाओं को मुआवजा न मिलने के पीछे मुख्य वजह जिलों से ऐसे मामलों में रिपोर्ट नहीं मिलना है, जिसके बाद प्रतिकर राशि जारी की जाती है।[ads1][ads1]

यह खुलासा पुलिस मुख्यालय की रिपोर्ट से हुआ है। सूत्रों की मानें तो डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला ने इस स्थिति पर बेहद नाराजगी जाहिर करते हुए रिपोर्ट न भेजने वाले जिलों को फटकार लगाई है। साथ ही स्पष्टीकरण भी मांगा है। खास बात यह है कि इस योजना में दो साल में सिर्फ 146 पीड़िताओं को ही आर्थिक मदद मिली। इसकी राशि एक करोड़ 23 लाख रुपए के आसपास थी।

39 जिलों ने नहीं भेजी रिपोर्ट

पुलिस मुख्यालय की रिपोर्ट के अनुसार दुष्कर्म के मामले में 39 जिले समय पर रिपोर्ट नहीं भेज रहे हैं। इनमें भोपाल भी शामिल है। वहीं जिन मंदसौर, शहडोल, अनूपपुर, देवास, सागर,बैतूल, पन्नाा, छतरपुर, टीकमगढ़, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर और झाबुआ से समय से रिपोर्ट मिलती है। इसके अलावा अन्य अपराध जिनमें हत्या, लैंगिग अपराध, एसिड अटैक, भ्रूण को हानि और अपराध के चलते विकलांग होने जैसी स्थिति में भी सरकार मुआवजा देती है, लेकिन इसकी रिपोर्ट भी जिलों से नहीं आ रही।[ads1][ads1]

रिपोर्ट पर समिति पीड़ित को देती आर्थिक राशि

थाना प्रभारी निश्चित समय अवधि यानी छह महीने के अंदर पीड़ित पक्ष के जरिए उनके मामले की रिपोर्ट कलेक्टर के माध्मय से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पीड़ित पक्ष के मामले की जांच कर तय मापदंडों के तहत दो महीने के अंदर पीड़ित को आर्थिक सहायता देता है।

आर्थिक मदद की राशि पीड़ित को एक या फिर दो किस्तों में देने का प्रावधान है। पीड़ित का आर्थिक राशि का भुगतान पुलिस मुख्यालय के जरिए होता है। रिपोर्ट तैयार करने की सबसे पहली जिम्मेदारी टीआई की रहती है और यहीं से बुनियादी रिपोर्ट ही नहीं बन रही।[ads1][ads1]

दो साल में जिन्हें मिला मुआवजा

वर्ष—-वर्ष 2015—- वर्ष 2016

दुष्कर्म—-13—-32

हत्या—-03—-17

हत्या का प्रयास—-02 —-06

एसिड अटैक—-04—-01

अन्य —-22—-59

राशि—-31 लाख 70 हजार—-92 लाख 9 हजार

किस अपराध में पीड़िता को कितना मिलता है प्रतिकर[ads1][ads1]

अपराध—-प्रतिकर राशि

ज्यादती का प्रयास—-अधिकतम 1.50 लाख

सामूहिक ज्यादती—-अधिकतम 3 लाख

बच्चों से लैंगिक अपराध—-अधिकतम 2 लाख

एसिड अटैक (40% से अधिक)—-अधिकतम 3 लाख

एसिड अटैक (40% से कम)—-अधिकतम 1.50 लाख

महिला अपराध में हत्या —-अधिकतम 4 लाख

भ्रूण को हानि—-50 हजार

स्थायी विकलांगता—-अधिकतम 3 लाख

40% विकलांगता—-अधिकतम 2 लाख

महिलाओं के साथ घटित अपराध

वर्ष —-दुष्कर्म

2015—-4391

2016—-3951

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