पहाड़ में भी दौड़ेंगे ई-रिक्शा, रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल की शानदार पहल

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रुद्रप्रयाग: सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो जिले की जनता के लिये खुशखबरी है। अब विकास भवन, कलेक्ट्रेट और तहसील जाने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के साथ ही आम जनता को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। अब शहरों की तरह रुद्रप्रयाग में ई-रिक्शा दौड़ेंगे। इसके लिये सारी तैयारियां हो गई हैं। ई-रिक्शा का ट्रायल भी सफल हो गया है। बस राज्य परिवहन प्राधिकरण से स्वीकृति मिलनी बाकी है।

दरअसल, कलक्ट्रेट, विकास भवन और तहसील जाने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के साथ ही आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बाजार से अधिक दूरी होने के कारण समय पर वाहन नहीं मिल पाते हैं। यदि कोई वाहन चालक जाता भी है तो वाहन को बुक कराना पड़ता है। ऐसे में गरीब जनता को अत्यधिक धनराशि व्यय करनी पड़ती है। जनता की दिक्कतों को देखते हुये अब रुद्रप्रयाग में भी ई- रिक्शा दौड़ेंगे। ये रिक्शा बिजली से चलेंगे। रिक्शे में लगी हुई बैट्री चार्ज होकर चलेगी। इससे जहां पर्यावरण सुरक्षित रहेगा। वहीं जनता को कम किराया देकर विकास भवन, कलक्ट्रेट और तहसील जाने के लिये वाहनों की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।

ये ई- रिक्शा बेलनी पुल में खड़े रहेंगे, जो समय-समय पर कविकास भवन और तहसील का चक्कर काटेंगे। फिलहाल ये रिक्षे यहीं के लिये संचालित होंगे, क्योंकि यही जाने के लिये जनता को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पूर्व में परिवहन निगम की दो बसों का संचालन विकास भवन, कलेक्ट्रेट और तहसील के लिये किया जाता था, लेकिन बसों के अचानक गायब होने से जनता की दिक्कतें बढ़ गई। जनता की दिक्कतों के साथ ही पर्यावरण को देखते हुये ई-रिक्शा संचालित करने का निर्णय लिया गया है।

जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि ई-रिक्शा चलने से जनता की दिक्कतें दूर होंगी। उन्होंने कहा कि इसका सफल ट्रायल हो गया है। अब शीघ्र ही यह रुद्रप्रयाग चलेंगे। जो भी कमियां आ रही हैं। उन्हें दूर किया जायेगा। परिवहन कर अधिकारी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि अभी दो सीटर ई-रिक्शा यहां आया है। अब चार सीटर वाला ई-रिक्शा यहां मंगाया जायेगा। परिवहन प्राधिकरण से स्वीकृति मांगी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह ई-रिक्शा कम कीमत पर सवारियों को ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा के कई लाभ हैं।

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