(डीएम) नें ट्रेन से कटकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- मैं जीवन से निराश हूं मानवता से विश्वास उठ गया

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(डीएम) नें ट्रेन से कटकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- मैं जीवन से निराश हूं मानवता से विश्वास उठ गया है.सुसाइड नोट रूम नंबर 742 दिल्ली के होटल लीला पैलेस बैग में में रखा है. ने गुरुवार शाम को यूपी के गाजियाबाद में आत्महत्या कर ली। 2012 बैच के आईएएस मुकेश पांडेय का शव गाजियाबाद स्टेशन से एक किलोमीटर दूर कोटगांव के पास रेलवे ट्रैक पर कटा हुआ मिला। गाजियाबाद के एसएसपी एचएन सिंह ने शव मिलने की पुष्टि की है। शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार को किया जाएगा। हाल ही में डीएम बने थे : मूल रूप से बिहार के सारण जिले के निवासी मुकेश पांडेय गुरुवार सुबह ही बक्सर के उपविकास आयुक्त मोबिन अली अंसारी को प्रभार सौंप दिल्ली गए थे। वे लीला पैलेस होटल में ठहरे थे। पिछले दिनों ही बक्सर डीएम के तौर पर पदस्थापित किए गए थे। बक्सर में पदस्थापना से पहले वे कटिहार में डीडीसी थे। आत्महत्या से पहले घरवालों को संदेश भेजा :

 पांडेय ने आत्महत्या से पहले शाम 6 बजे घरवालों को वाट्सएप किया था कि वे दिल्ली की एक इमारत से छलांग लगा आत्महत्या करने जा रहे हैं। घरवालों ने तुरंत दिल्ली पुलिस को जानकारी दी। दिल्ली पुलिस जब तक कुछ कर पाती पांडेय गाजियाबाद चले गए और ट्रेन से कटकर जान दे दी। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार मुकेश पांडेय ने वाट्सएप के जरिये घर में यह संदेश भेजा था कि मैं अपनी जिंदगी से तंग आकर आत्महत्या करने जा रहा हूं। मेरा अच्छाई पर से विश्वास उठ गया है। संदेश में उन्होंने कहा था कि मैं दिल्ली के जनकपुरी स्थित डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल मॉल की दसवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या करने जा रहा हूं। मेरा सुसाइड नोट दिल्ली के लीला पैलेस होटल के कमरा नंबर 742 में मेरे बैग में रखा हुआ है। मुझे माफ कर दें। मैं आप सबको बहुत प्यार करता हूं। ट्रैक पर मिली लाश : पुलिस को मुकेश पांडेय की लाश गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से 200 मीटर आगे यार्ड में रेलवे ट्रैक पर मिली। उनकी जेब से पर्स और सुसाइड नोट बरामद हुआ। सीसीटीवी में मेट्रो स्टेशन की ओर जाते दिखे : दिल्ली वेस्ट के डीसीपी विजय कुमार ने बताया कि मुकेश पांडेय के साथियों का फोन शाम करीब साढ़े छह बजे आया। पुलिस तुरंत डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल मॉल पहुंची लेकिन वहां ऐसी किसी तरह की घटना की जानकारी नहीं मिली। एक सीसीटीवी फुटेज देखने से पता चला कि मुकेश पांडेय शाम 5:55 बजे मॉल से बाहर जा रहे थे। अन्य सीसीटीवी फुटेज में मेट्रो स्टेशन की तरफ जाते दिखे। डीसीपी ने बताया कि हमने मेट्रो का भी सीसीटीवी फुटेज चेक किया लेकिन उसमें वे नहीं दिखे। रात करीब 9 बजे हमें जानकारी मिली कि मुकेश पांडेय का शव गाजियाबाद इलाके में मिला है। गुवाहाटी में रहते हैं पिता, चाचा हैं वरिष्ठ पत्रकार सारण के लाल मुकेश पांडेय के बक्सर में डीएम बनने की खुशी छह दिन भी नहीं रही। दिल्ली से गुरुवार देर रात जैसे ही उनके आत्महत्या करने की खबर गांव में पहुंची, लोग हक्के-बक्के रह गए। हर कोई घटना का कारण जानने को बेचैन था। रात भर लोग एक-दूसरे से घटना की विस्तृत खबर लेने का प्रयास करते रहे। कई लोग टीवी के सामने बैठ गए तो कुछ लोग मोबाइल से अपने परिचितों से घटना की जानकारी लेने में लग गए। मुकेश पांडेय के पिता डॉक्टर सुदेश्वर पांडेय असम में रहते हैं। उनके चाचा वशिष्ठ पांडेय असम में ही एक हिन्दी अखबार के वरिष्ठ पत्रकार हैं। मुकेश की स्कूली पढ़ाई गुवाहाटी में ही हुई थी। मुकेश 2012 बैच के आईएएस अधिकारी थे। मुकेश दो भाइयों में छोटे थे। उनके बड़े भाई राकेश पांडेय मास्को में हैं। उन्हें भी घटना की जानकारी दे दी गई है। मुकेश पांडेय की शादी दो साल पूर्व पटना में भाऊ मोटर्स घराने में हुई थी। बाढ़ के रहने वाले जाने-माने ठेकेदार की पोती से उनकी शादी हुई थी।

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