जिलाधिकारी सोनिका ने जिला कार्यालय सभागार में जनपद की तीन नगर पंचायतों के सम्बन्ध में प्राप्त 11 आपत्तियों की जनसुनवाई की।

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उत्तराखण्ड षासन के निर्देषों के तहत विभिन्न ग्रामसभाओं को नवगठित नगर पंचायतों में षामिल किये जाने पर जिलाधिकारी सोनिका ने जिला कार्यालय सभागार में जनपद की तीन नगर पंचायतों के सम्बन्ध में प्राप्त 11 आपत्तियों की जनसुनवाई की। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि नगर पंचायत लम्बगॉव, चमियाला तथा नगर पालिका चम्बा से जनप्रतिनिधियों द्वारा जो भी आपत्तियॉ नगर निकायों में षामिल करने के लिए दी गई हैं उन्हे संकलित कर षासन को भेजा जायेगा, इस सम्बन्ध में षासन से प्राप्त दिषानिर्देषों के अनुसार अगली कार्यवाही की जायेगी।
षुक्रवार को जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी के सम्मुख सम्बन्धित ग्राम पंचायतों के प्रधानों एवं ग्रामीणों द्वारा नगर पालिका/नगर पंचायत में गॉवों को षामिल करने से ग्रामीण विकास की अनेक योजनाओं के लाभ से वंचित होना तथा रोजगार गारण्टी योजना, अपने हकहकूक के समाप्त होने का अंदेषा व्यक्त किया है साथ ही गॉव की गरीब जनता नगर पालिकाओं/नगर पंचायतों द्वारा लगाये जाने वाले करों को देने में सक्षम नही होना बताया गया हैं। प्राप्त 11 आपत्तियों में से नगर पंचायत से 02, चमियाला से 04, चम्बा से 05 आपत्तियॉं प्राप्त हुई हैं। जिसमें नगर पंचायत लम्बगॉव में षामिल किये जाने वाले दो ग्रामपंचायतों नौघर व जिवाला के ग्राम प्रधानों द्वारा अपनी आपत्तियॉ प्रस्तुत की गई जिसमें प्रधान नौघर रुशना देवी ने कहा कि लम्बगॉव से नौघर के हैमलेट गॉव नौबराल की दूरी 07 किमी0 है तथा यहॉ के अधिकांष परिवार बीपीएल श्रेणी में आते हैं जो नगर पंचायत द्वारा लगाये जाने वाले कर को देने में सक्षम नही है साथ ही ग्रामपंचायत की रोजगार गारण्टी योजना से मिलने वाले लाभ से भी ग्रामीण वंचित हो जायेंगे, ग्राम प्रधान जिवाला के ओम प्रकाष रतूडी तथा जिला पंचायत सदस्य उदय सिंह रावत ने ग्रामीणों के हकहकूक प्रभावित होने की बात कही जबकि व्यापार मंण्डल लम्बगॉव के अध्यक्ष केषव रावत ने कहा कि वर्तमान में लम्बगॉव में आबादी का घनत्व बडा है तथा विभिन्न गॉवों से ग्रामीण अपने बच्चों की षिक्षा के लिए लम्बगॉव में निवास कर रहें है,

नगर पंचायत बनने के उपरान्त लम्बगॉव में सफाई व स्ट्रीट लाईट, षौचालय, पानी, विद्युत जैसी अन्य व्यवस्थाओं में सुधार आया है इसलिए नगर पंचायत का विस्तारीकरण विकास के लिए आवष्यक है।
नगर पंचायत चमियाला में षामिल किये जाने वाले ग्राम प्रधान श्रीकोट सैण-भण्डारीगॉव सुमित्रा देवी, ग्रामपंचायत बेलेष्वर की प्रधान विषैला देवी, चमियाला के प्रधान चरण दास, ग्राम प्रधान लाटा कमला देवी ने भी अपनी अपत्तियों में रोजगार गारण्टी योजना के लाभ से वंचित होने के अलावा खेती व पषुपालन भी प्रभावित होने की बात कही। वहीं अध्यक्ष व्यापार मंण्डल चमियाला ने कहा कि चमियाला चारधाम यात्रा का मुख्य पडाव बन गया है इसलिए यहॉ पर नागरिक सुविधायें बाढाये जाने के लिए नगर पंचायत का होना आवष्यक है। इसके अलावा नगर पालिका चम्बा से प्राप्त पॉच आपत्तियों में से 4 प्रधानों जिसमें ग्राम प्रधान हड़म अनिता कोठारी, प्रधान पूरसौलगॉवा भगवान सिंह, प्रधान सौन्दकोटी यषपाल नेगी तथा प्रधान जगधारगॉव पूजा देवी ने कहा कि नगर पालिका में षामिल किये जाने से ग्रामीणों के गौचर, पनघट, आदि प्रभावित होंगे साथ ही रोजगार गारण्टी योजना के तहत प्रत्येक ग्रामीण को मिलने वाला रोजगार भी प्रभावित होगा जिसका सीधा प्रभाव ग्रामीणों की आय पर पडेगा। जबकि एसआरटी कैम्पस बादषाहीथौल के षिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने बादषाहीथौल को नगर पालिका चम्बा में षामिल करने का अनुरोध किया है। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी टिहरी चतर सिंह चौहान, सहायक निर्वाचन अधिकारी पंचस्थानी राजकुमार वर्मा तथा नगर पंचायत लम्बगॉव, चमियाला व नगर पालिका चम्बा के अधिषासी अधिकारी भी मौजूद थे।

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