देहरादून: कोहराम मच गया राखी के दिन, इंतज़ार कर रहे भाइयों का रो रो कर बुरा हाल, 50% दुर्घटनाएं शहर की लाचार व्यवस्था

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देहरादून कहने को तो प्रदेश की राजधानी है लेकिन यहं पर सड़कों की बदहाल हालात ने कई जाने ली हैं। रक्षाबंधन का दिन था और बहिनों ने अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांधनी की तैयारियां पूरी कर दी थी लेकिन खुदा को कुछ और ही मंजूर था। रविवार को दून राजपुर रोड पर सड़क पर बने खड्ड ने 2 सहेलियों की जान ले ली। दुर्घटना में दोनों की मौत हो गयी पुलिस के मुताबित कनिष्का शर्मा और वर्षा डंडरियाल रविवार को राजपुर रोड स्थित साईं मंदिर गयी हुई थी। मंदिर से घंटाघर की और वापिस आते हुए सडक में खड्ड होने की वजह से स्कूटी चला रही कनिष्का का संतुलन बिगड़ गया इतने में पीछे से आ रहे टेंकर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी जिससे दोनों सर के बल सडक पर जा गिरे देखते ही देखते भीड़ जमा हो गयी। पुलिस को सुचना देने के बाद मौके पर पुलिस पहुंची ऑटो से दोनों को दून अस्पताल पहुंछाया गया जहाँ डॉक्टर्स ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

परिजनों को खबर मिलने पर सभी अस्पताल की और दौड़ पड़े घर परिजनों में कोहराम मच गया राखी के दिन का इंतज़ार कर रहे भाइयों का रो रो के बुरा हाल है कनिष्का का एक भाई है और वर्षा के दो भाई हैं कनिष्का के भाई के मुह से बस एक ही बात निकल रही थी कि अब उसे राखी कोन पहनायेगा अस्पताल में जो भी इन भाइयों का विलाप देखा वो अपने आंसू नहीं रोक पा रहा था। वर्षा भी चार भाई बहनों में सबसे छोटी थी। बड़ी बहन की शादी के बाद वह अपने भाई गोपाल और भूपेंद्र की लाडली थी।

देहरादून कहने को तो प्रदेश की राजधानी है लेकिन यहं पर सड़कों की बदहाल हालात ने कई जाने ली हैं। इसका अनुमान यूँ लगा दीजिये कि सडक दुर्घटना में आमने सामने की टक्कर से जादा यहाँ लोगों की मौत सडक के गड्डों की वजह से हो जाती है। इतना ही नहीं उन दुर्घटनाओं में भी 50% दुर्घटनाएं शहर में लाचार व्यवस्था की वजह से हो जाती हैं जिन्हें भरी वाहनों की आवाजाही पर छूट, सड़कों पर गतिसीमा निर्धारित नहीं है, अंधे मोड़, और स्पीड ब्रेकर मौत का कारण बन रहे हैं। इस साल अब तक 7 महीनों में 80 लोगों की जाने गयी हैं। जिनमे जादातर दुर्घटनाओं का जिम्मेदार प्रदेश का सरकारी विभाग है। जो दिन रात उन्ही सड़कों पर घूमते हैं लेकिन जमीन पर नजर नहीं रखते।

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