राजनीतिक दलों से भी निगम वसूलेगा टैक्स

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नगर निगम इस बार राजनीतिक दलों के कार्यालयों से भी टैक्स वसूलने जा रहा है, साथ ही अब तक टैक्स न देने वाले स्कूल, आश्रम और चैरिटेबल ट्रस्ट्स से भी निगम टैक्स वसूलेगा। इससे पहले स्कूल, आश्रम और चैरिटेबल ट्रस्ट को नगर निगम की धारा क्77 की तहत टैक्स रिबेट दी गई थी, लेकिन एक्ट में संशोधन के बाद ये छूट खत्म हो गई है.
सिर्फ भाजपा देती थी टैक्स
कांग्रेस, यूकेडी और समाजवादी पार्टियां पहली बार अपने कार्यालय का टैक्स निगम को देंगी। बताया जा रहा है कि अभी तक केवल बीजेपी ही अपने कार्यालय का टैक्स देती थी। हालांकि बीजेपी से भी नए नियमों के अनुसार टैक्स वसूला जाएगा। शहर में कुछ ऐसे भवन थे जिन से पहले टैक्स नहीं लिया जाता था जिनमें कांग्रेस पार्टी का कार्यालय भी था, लेकिन अब ये टैक्स के दायरे में आ गया है। टैक्स वसूली के लिए निगम ने अपने निरीक्षकों को निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी दलों को खुद ही अपने टैक्स का असेस्मेंट करना होगा और टैक्स चुकाना होगा। शहर में बीजेपी के दो तो कांग्रेस, यूकेडी व सपा के एक- एक कार्यालय हैं।
स्कूल, धर्मशाला भी कर के दायरे में
एक्ट में संशोधन होने के बाद सिटी के स्कूल, धर्मशाला और चैरिटेबल ट्रस्ट्स भी टैक्स के दायरे में आ गए हैं। पहले नगर निगम एक्ट की धारा क्77 के तहत टैक्स में इन संस्थानों को टैक्स रिबेट दी जाती थी। हालांकि, दून में कितने स्कूल, धर्मशाला और चैरिटेबल ट्रस्ट्स हैं इसकी जानकारी फिलहाल निगम को नहीं है। अब नगर निगम द्वारा इनकी संख्या का आंकलन किया जाएगा। इन सबको भी सेल्फ असेस्मेंट करके टैक्स पे करना होगा, जिसकी आखिरी तारीख फ्क् मार्च तक है.

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