नशीली दवा छात्रों को बेचते पकडा गया गिरोह , पुलिस के हत्थे चढ़े

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देहरादून: जिले में नशीली दवाओं की अवैध सप्लाई थम नहीं रही। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से नशीली दवाओं की खेप लेकर ऋषिकेश पहुंचे दो युवक पुलिस के हत्थे चढ़ गए। युवकों के पास हजारों नशीले कैप्सूल, इंजेक्शन और सिरप मिले। इनकी कीमत तकरीबन पौने दो लाख बताई जा रही है।

इसके अतिरिक्त उनके पास से साढ़े चार लाख रुपये की नकदी भी बरामद हुई। यह रकम युवकों ने नशीली दवा बेचकर एकत्र की थी। इससे पहले मंगलवार को सेलाकुई की एक मसाला फैक्ट्री से कोडिरेक्स सिरप की 28 पेटियां मिली थीं। एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार नशीली दवाओं का जखीरा पकड़े जाने से पुलिस की चिंता भी बढ़ गई है।

एसएसपी निवेदिता कुकरेती के मुताबिक ऋषिकेश में दो युवक स्कूटी पर प्लास्टिक की बोरी लादकर आइडीपीएल चौकी से लवली स्टोर की ओर जा रहे थे। पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोका तो वह घबरा गए। पुलिस ने बोरों को खोलकर देखा तो उसमें दवा भरी हुई थीं। युवकों से दवाओं की खरीद और सप्लाई से संबंधित दस्तावेज मांगे गए तो वह बगले झांकने लगे। इस पर पुलिस कर्मी उन्हें थाने ले आए और सख्ती से पूछताछ की।

तब दोनों ने बताया कि वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के थोक दवा विक्रेताओं से नशे के लिए प्रयोग होने वाली दवाएं खरीदकर उन्हें देहरादून, रुड़की, हरिद्वार व राज्य के अन्य हिस्सों में बेचते हैं।

आरोपी युवकों की पहचान सुनील चंद पुत्र सुग्गन चंद निवासी पश्चिम अंबर तालाब थाना गंगनहर (रुड़की) व मो. सिराज पुत्र मो. रिजवान निवासी साउथ खालापार कोतवाली मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। दोनों रुड़की और हरिद्वार में साढ़े चार लाख रुपये की दवाएं बेचकर ऋषिकेश पहुंचे थे।

उनके पास 41 हजार 660 नशीले कैप्सूल, 1936 इंजेक्शन और 117 बोतल सिरप मिलीं। यह दवा ऋषिकेश में मेडिकल स्टोर व कुछ हॉस्टलों में बेची जानी थी।

एसएसपी ने बताया कि दवा का नशे के रूप में हो रहे इस्तेमाल को देखते हुए जिले भर में अभियान चलाया जा रहा है। गिरफ्तार किए गए युवकों से दवाओं की तस्करी में लगे गिरोह के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है

 

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