कांवड़ को लेकर महिलाओं में बढ़ रहा क्रेज,आस्था के पथ पर मातृशक्ति

कांवड़ को लेकर महिलाओं में भी क्रेज बढ़ता जा रहा है। पुरुषों के साथ महिलाएं भी कांवड़ को लेकर शिव पथ पर डग भर रही हैं।

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हरिद्वार: कांवड़ को लेकर महिलाओं में भी क्रेज बढ़ता जा रहा है। पुरुषों के साथ महिलाएं भी कांवड़ को लेकर शिव पथ पर डग भर रही हैं। शिव की भक्ति और गौरा की शक्ति ने लाखों पुरुष कांवड़ियों के साथ ही महिला कांवड़ियों को भी अपार शक्ति प्रदान की है। महिला कांवड़िया  बम भोले बम के जयकारे के साथ गंतव्य को प्रस्थान कर रही हैं।

कांवड़ यात्रा में अधिकांश पुरुष ही हरिद्वार गंगाजल लेने पहुंचते थे, लेकिन समय बीतने के साथ महिलाओं की बढ़ती संख्या शिव आस्था का बेहद सुखद अहसास करा रही हैं। कुछ वर्षों पूर्व तक महिलाएं पुरुष कांवड़ियों के साथ महज सहयोग के रूप में चला करती थी।

महिलाएं अपने पति, भाई समेत रिश्तेदारों व साथी की जरुरतों का ध्यान रखने के साथ ही कांवड़ मार्ग में खाने-पीने व अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति में सहयोग प्रदान करती थी। महिलाओं के कदम-कदम पर कांवड़ लेकर आने वाले पुरुष के सहयोग करने से मुश्किलें भी आसान सी लगने लगती थी।

पिछले कुछ साल से महिलाओं में भी कांवड़ यात्रा को लेकर क्रेज बढ़ा है। कांवड़ मेले में सबसे ज्यादा हरियाणा और पंजाब आदि की महिलाएं देखी जा रही है। पुरकाजी मुजफ्फरनगर (उप्र) निवासी हेमा देवी ने बताया कि दो बार हरिद्वार से खड़ी कांवड़, एक बार दंडौती कांवड़ लेकर गई हैं। इस बार वह बैठी कांवड़ लेकर हरिद्वार पहुंची हैं।

इसी तरह नजीबाबाद (जिला बिजनौर) निवासी शारदा देवी ने बताया कि बेटा अनिमेश अक्सर बीमार रहता है। इसके चलते बेटे के स्वस्थ रखने की मन्नत मांगी है। इसी क्रम में जल लेकर लौट रही हूं।

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