चारधाम यात्रा: 2019 में 34 लाख श्रद्धालुओं की तुलना में इस साल पहुंचे सिर्फ 4.48 लाख श्रद्धालु

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चार धाम यात्रा पर इस बार कोरोना का बड़ा असर पड़ा। सभी धामों में पहुंचने वाले कुल श्रद्धालुओं की संख्या 4.48 लाख रही। जबकि यही संख्या पिछली बार रिकॉर्ड 34.10 लाख रही। यही स्थिति धामों की कमाई की भी रही। सालाना 55 करोड़ की कमाई इस बार आठ करोड़ पर सिमट गई है।

धामों में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की कम संख्या की स्थिति ये रही कि यमुनोत्री धाम में तो आंकड़ा दस हजार के पास भी नहीं पहुंचा। यहां इस साल सिर्फ आठ हजार श्रद्धालु ही पहुंचे। जबकि पिछले साल यहां 4.66लाख श्रद्धालु पहुंचे थे। कोरोना के कारण पहले तो इस बार कपाट समय पर नहीं खुले।

कपाट खुले, तो श्रद्धालुओं को  दर्शन की मंजूरी नहीं दी गई। सिर्फ पूजा पाठ तक गतिविधि सीमित रही। पहले चरण में सिर्फ जिले के भीतर के लोगों को मंजूरी दी गई। दूसरे चरण में राज्य के भीतर के श्रद्धालुओं ने ईपास के जरिए दर्शन किए।

तीसरे चरण में राज्य से बाहर के लोगों को तमाम शर्तों के साथ मंजूरी दी गई। इन बंदिशों और कोरोना के कारण श्रद्धालुओं की संख्या सीमित ही रही। श्रद्धालुओं की इस सीमित संख्या के कारण मंदिरों में दान दक्षिणा, भेंट, चढ़ावा भी सीमित रहा। 55 करोड़ की कमाई का आंकड़ा आठ करोड़ तक सीमित रहा।

खर्च 32 करोड़, कमाई आठ करोड़
उत्तराखंड चार धाम देवस्थान एवं प्रबंधन बोर्ड में कर्मचारियों के वेतन समेत तमाम दूसरी मदों में 32 करोड़ के करीब खर्च होते हैं। ढाई करोड़ रुपये महीना कर्मचारियों के वेतन पर खर्च होता है। इसमें बदरीनाथ धाम के कर्मचारियों के वेतन पर 1.50 करोड़ और केदारनराथ धाम के कर्मचारियों पर एक करोड़ का बजट खर्च होता है। बोर्ड में 285 नियमित और 400 संविदा, दैनिक वेतन कर्मचारी हैं।

बदलनी पड़ी थी कपाट खोलने की तारीख
इस बार बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने की तारीख बदलनी पड़ी। बदरीनाथ धाम पहले 30 अप्रैल को खुलने थे। जिसे बाद में 15 मई तय किया गया। केदारनाथ धाम के कपाट 29 अप्रैल को खोले गए। गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट 26 अप्रैल को खुले।

बदरीनाथ को छोड़ शेष धामों के कपाट बंद
बदरीनाथ के कपाट 19 नवंबर को बंद होंगे। केदारनाथ के कपाट 16 नवंबर को बंद हुए। हेमकुंड साहिब धाम दस अक्तूबर को बंद हुए। गंगोत्री, यमुनोत्री धाम भी बंद हो गए हैं।

धाम          2020    2019    2018 (वर्ष)
गंगोत्री       0.23     4.48     5.30
यमुनोत्री     0.08    4.66     3.94
केदारनाथ  1.35    9.97     7.32
बदरीनाथ   2.75   11.74    10.48
हेमकुंड      0.65   2.40     1.59 (श्रद्धालुओं की संख्या लाख में)

कोरोना के कारण इस बार श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। हालांकि श्रद्धालुओं के जोश, उत्साह में कोई कमी नहीं रही। सितंबर, अक्तूबर महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। अगले वर्ष उम्मीद यही है कि कोरोना का असर यात्रा शुरू होने तक खत्म होगा और श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचेंगे।
दिलीप जावलकर, सचिव पर्यटन, धर्मस्व

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