साइबर अटैक तुरंत बदलें अपना ATM प‌िन, नहीं तो एकाउंट हो सकता है खाली

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साइबर क्रिमिनल्स की चपेट में लगभग पूरा देहरादून शहर आ गया है। ऐसे में तुरंत अपना एटीएम प‌िन बदल लें, नहीं तो पूरा खाता खाली हो सकता है, रविवार को एटीएम क्लोन कर बैंक खातों से रकम उड़ाने का आंकड़ा 56 तक पहुंच गया।

नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में 19 नई शिकायत दर्ज कराई गई है। इसके अलावा कोतवाली, रायपुर और डालनवाला थाने में भी एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसी बीच लगातार बढ़ते मामलों के देखते हुए एसएसपी ने सामूहिक ठगी की वारदात की विवेचना के लिए एसआईटी गठित कर दी है।

उधर, रविवार को भी बैंक खातों से रकम गायब होती रही। जयपुर के अलावा दिल्ली से भी रकम निकालने की बात सामने आई है। पुलिस नाकामी के बीच देर रात तक शिकायतों के आने का सिलसिला जारी था।

देहरादून शहर में एटीएम कार्ड क्लोनिंग से डाटा चुराकर खातों से रकम उड़ाने की घटनाआें का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार रात तक 30 एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले बढ़ने की जो आशंका जताई गई थी, वह सही साबित हुई। रविवार सुबह तो पीड़ितों का शिकायत लेकर पुलिस तक पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ।

फोकस फिर नेहरू कॉलोनी थाना ही था। देर रात तक यहां 19 शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी थीं, यह संख्या अभी और बढ़ने की संभावना है। रायपुर थाने में चार मामले दर्ज हुए हैं। इनमें आर्डनेंस फैक्ट्री के दो कर्मचारी आदित्य और दीपक भी शामिल हैं। इनके खाते से 30-30 हजार रुपये उड़ाए गए हैं।

साइबर सेल के प्रभारी संभालेंगे SIT की कमान शहर कोतवाली में तीन और डालनवाला में दो मामले सामने आए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती ने जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है। साइबर सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर योगेश सिंह इसके प्रभारी होंगे।

साइबर सेल के अलावा एसओजी और नेहरू कॉलोनी पुलिस को एसआईटी में शामिल किया गया है। एसआईटी में तीन टीमें गठित कर उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। साइबर क्रिमिनल्स तक पहुंचने के लिए पुलिस की कोशिशें तेज हो गई हैं।

जयपुर और देहरादून के एटीएम की सीसीटीवी फुटेज की डिमांड की गई है, जिससे कुछ खास सुराग मिलने की उम्मीद है। एसएसपी का कहना है कि साइबर एक्सपर्ट से राय-मशविरा कर विवेचना आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द कुछ खास सुराग मिलने की उम्मीद है।

केस दर्ज करने में लगेंगे कई दिन
बैंक खातों से रकम उड़ाने के मुकदमों को दर्ज करने में पुलिस को कई दिन का वक्त लगने वाला है। नेहरू कॉलोनी थाने में केस दर्ज करने के लिए एक मुंशी की अलग से तैनाती की गई है। थाने में आई शिकायतों की संख्या इतनी है कि उन्हें दर्ज करने में कई दिन वक्त लगने वाला है। यही वजह है कि पीड़ितों को एफआईआर की कापी लेने के लिए दो से तीन दिन का वक्त दिया जा रहा है।

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