उत्तराखंड में गरीब परिवारों को चूना लगाकर चले गए बॉलीवुड के सितारे

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रुद्रप्रयाग: हिंदी फिल्म ‘केदारनाथ’ की शूटिंग के लिए पसीना बहाने वाले केदारघाटी के 35 से अधिक युवाओं को अब तक उनकी मेहनत का मोल नहीं मिल पाया है। फिल्म निर्माता शूटिंग पूरी कर यूनिट के साथ मुंबई लौट चुके हैं और पीड़ित युवा मजदूरी दिलवाने को डीएम दफ्तर के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

जून 2013 की केदारनाथ आपदा पर केंद्रित फिल्म ‘केदारनाथ’ की शूटिंग तकरीबन सवा माह केदारघाटी के त्रियुगीनारायण गांव के अलावा सोनप्रयाग, गौरीकुंड, केदारनाथ धाम, चोपता आदि स्थानों पर की गई। इस दौरान फिल्म निर्माता के आश्वासन पर स्थानीय युवा फिल्म यूनिट के रहने-ठहरने समेत अन्य व्यवस्थाएं में जुटाने में मशगूल रहे। इसके बाद फिल्म निर्माता उनके मेहनताने का भुगतान किए बगैर शूटिंग कर वापस लौट गए। त्रियुगीनारायण के राजेश भट्ट ने बताया कि उसके निर्माता की तरफ 35 हजार रुपये बकाया हैं। निर्माता ने यह पैसा उसके खाते में डालने की बात कही थी, लेकिन दो माह से अधिक का समय बीतने के बाद भी पैसा उसके खाते में नहीं आया। अब इसकी शिकायत उसने जिलाधिकारी से की है, जिस पर जिलाधिकारी ने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

गांव के ही सुधीर गैरोला ने बताया कि शूटिंग के दौरान उसने व गांव के कई लोगों ने मजदूरी की, लेकिन उसका भुगतान आज तक नहीं मिला। इस संबंध में उसने भी जिलाधिकारी को अवगत करा दिया है।

 वो गढ़वाल की वादियों में आए थे, आते वक्त तो कहा था कि यहां के लोग बेहद ही शांत और सुशील हैं। लेकिन जाते वक्त भोले -भाले गढ़वालियों को ही चूना लगाकर चले गए। जी हां आपको याद होगा कि कुछ वक्त पहले बॉलीवुड के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर अभिषेक कपूर अपनी फिल्म ‘केदारनाथ’ की शूटिंग के लिए रुद्रप्रयाग जिले में आए थे। इस दौरान फिल्म के निर्माता ने स्थानीय युवाओं से फिल्म के क्रू के लिए कुछ काम करवाया था। बताया जा रहा है कि उन युवाओं का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। युवा अब धीरे धीरे इसके विरोध में सामने आने लगे हैं। रुद्रप्रयाग के इन युवाओं ने जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल से इस बारे में शिकायत की है।

 पत्र में उल्लेख है कि अब प्रशासन से ही एकमात्र उम्मीद बची है। वहीं, डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर जो भी संभव कार्रवाई होगी, की जाएगी।

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