Video: बड़ागांव, सेलंग, पैनी, मेरग चारों ग्राम सभाओं के लोगों ने, विधायक को दिखाये काले झंडे

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चमोली: बड़ागांव सेलंग पैनी मेरग चारों ग्राम सभाओं को सरकार द्वारा नगरपालिका में शामिल किये जाने के विरुद्ध में विधायक को ग्रामीणों ने दिखाये काले झंडे यहाँ के लोग कई समय से सरकार के बिरुद्ध आन्दोलन कर रहे है.

जोशीमठ पालिका परिसीमन और काले झंडे विगत 26 दिनों से जोशीमठ में पालिका परिसीमन समेत शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क की खस्ताहाल पर यहाँ के ग्रामीण आन्दोलन कर रहे है. आज आन्दोलन के बीच में अचानक क्षेत्रीय विधायक श्री महेंद्र भट्ट जी की बैठक आन्दोलनकारियों के साथ विकासखंड सभागार में सांय 3 बजे रखना आन्दोलनकारी ग्रामीणों के जले पर नमक छिड़कना जैसा साबित हुआ. चार गांव के पालिका परिसीमन का मामला आज माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल में रखने के लिए गांव के प्रतिनिधि चले गए है. ऐसे में विधायक महोदय में देर से नींद से जागना आज भरी पड़ गया ग्रामीणों ने “काले झंडे के साथ” जबरदस्त विरोध किया और “विधायक वापस जाओ, विधायक मुर्दाबाद” के नारे लगाये. भाजपा कार्यकर्ताओं और विधायक की कई कोशिस के बाद भी आन्दोलनकारी नहीं माने और अंततः विधायक समेत सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को वापस जाना पड़ा. ऐसा जबरदस्त विरोध सायद ही विधायक ने कभी देखा हो!

पूरी तैयारी के साथ आन्दोलनकारी ग्रामीण विकासखंड सभागार में इकट्ठे हुए थे और जैसे ही विधायक ने सभागार में घुसने का प्रयास किया तो उनको लोगों का तीव्र विरोध झेला पड़ा उन पर काले झंडे उछाले गए, फेंके गए. ज्ञान्ताब्य हो कि आज जिनते भी ग्रामीण महिलाएं और पुरुष विधायक का विरोध कर रहे थे उन सब ने बड़ी उम्मीद के साथ भाजपा को वोट किया था. 90 प्रतिशत आज वही लोग थे विरोध कर रहे है जोशीमठ में जिन्होंने विधानसभा चुनाव में भाजपा को छप्पर फाड़ मत एवं समर्थन दिया था….हलाकि ग्रामीणों की समस्या और विरोध जायज है उनकी पीड़ा जायज है विरोध तो जनप्रतिनिधियों को झेलना ही पड़ेगा लेकिन इसका राजनीतिक पहलू ये भी है कि अपनी राजनीतिक रोटियां एक आन्दोलन के जरिये सेकने वालों के लिए आज के विरोध का मतलब हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में 99 प्रतिशत अंक लेकर उत्तीर्ण होने जैसा अहसास है. मगर ध्यान रहे जनता जिसको चुनती है उसका हिसाब-किताब भी समय आने पर बखूबी ले लेती है. लहर में बहकर नैय्या पार लगाना और फिर जनता की अनदेखी का मतलब सिर्फ विरोध और जबरदस्त विरोध होता है ये बात माननीयों को समझ में आने लगी होगी.

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