अमित शाह ने महात्मा गाँधी क्यों कहा ‘बहुत चतुर बनिया’-जाने पूरा मामला…..

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  •  अमित शाह ने महात्मा गाँधी क्यों कहा ‘बहुत चतुर बनिया’-जाने पूरा मामला.

 भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपने रायपुर दौरे में कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इस पार्टी की न ही कोई नीति है न ही कोई विचारधारा है। शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य राज्य विधानसभा चुनाव में 65 सीटें जीतने का है। साथ ही उन्होंने महात्मा गांधी पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि वो दूरदर्शी होने के साथ, बहुत चतुर बनिया था, उन्हें मालूम था कि आगे क्या होने वाला है, उन्होंने आजादी के बाद कहा था, कांग्रेस को बिखेर देना चाहिए।

शाह यही नहीं रुके उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने कांग्रेस को खत्म करने का काम नहीं किया, लेकिन अब कुछ लोग उसको बिखेरने का काम कर रहे हैं। संगठन के इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि क्योंकि कांग्रेस की कोई विचारधारा ही नहीं है, देश चलाने के, सरकार चलाने के कोई सिद्धांत ही नहीं थे राजधानी के मेडिकल कॉलेज प्रेक्षागृह में शाह ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी होने का दावा करने वाली भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का कहना है कि पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र है, इसीलिए एक साधारण चाय बेचने वाला देश का प्रधानमंत्री है और एक सामान्य कार्यकर्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष। भाजपा (जनसंघ) का उदय राष्ट्रवाद के सिद्धांत पर हुआ है। यही वजह है कि हमारे लिए देश सर्वोपरि है।

देश के बाद पार्टी और अंत में व्यक्ति है। हमारी आर्थिक नीति का आधार अंत्योदय है। पार्टी मानती है कि अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति का जब विकास होगा, तभी देश विकास करेगा। दिल्ली विश्वविद्यालय में लगे देश विरोधी नारों का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि पार्टी की स्पष्ट सोच है कि जो देश के खिलाफ नारे लगाएगा, वह देश द्रोही कहलाएगा। पार्टी के चरित्र पर शाह ने कहा कि भाजपा शासित राज्य तेजी से विकास कर रहे हैं। यह कहने की बात नहीं है, आंकड़े उपलब्ध हैं, कोई भी इसका परीक्षण कर सकता है।

बालदास की शाह से मुलाकात

इससे पहले सतनामी समाज के धर्म गुरु बालदास बीजेपी कार्यालय पहुंचे। अमित शाह से बालदास की मुलाकात हुई। इससे बाल दास के बीजेपी में शामिल होने की अटकलों ने जोर पकड़ा।

व़हीं संघ नेताओं की बैठक में 2018 और 2019 के चुनाव पर मंत्रणा की गई। बीजेपी अध्यक्ष शाह के साथ सीएम रमन सिंह भी आरएसएस नेताओं के साथ हुई बैठक में शामिल हुए। प्रांत प्रमुख प्रेम शंकर सिदार और सह संघकारचालक पूंर्णदु सक्सेना समेत कई प्रमुख बैठक में शामिल हुए।

इन मुद्दों पर चर्चा

– आदिवासी और सतनामी समाज को संघ से जोड़ना है, उनके बच्चों की शिक्षा और रोजगार के लिए काम करना है।

– राम मंदिर के लिए छत्तीसगढ़ के भी दूरस्थ अंचलों में माहौल बनाना है।

– धर्मांतरण न बढे, इस पर नजर रखना है, इसे लेकर आंकड़े भी रखे गए।

– गौ रक्षा के लिए हिंसा के वाजए लोगों को जागरूक करने की बात की गई।