देहरादून में 68 आवेदन , चाइना और पाकिस्तानी के आलावा कई अन्य देशों के भी list में शामिल

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हो सकता है एक भारतीय नागरिक के तौर पर आपको अपने देश से कुछ शिकायतें हों। पर आपको यह जानकर खुशी होगी कि इसी मुल्क की नागरिकता के लिए कई देशों के लोग लाइन में लगे हैं।

अकेले देहरादून जिला प्रशासन के जरिए इस समय नौ देशों के 68 नागरिकों ने अपने मूल देश को छोड़ भारतीय नागरिकता के लिए भारत सरकार से आवेदन किया है। इसमें सबसे ज्यादा 50 पाकिस्तानी शामिल हैं। देहरादून जिला प्रशासन ने ये आवेदन केंद्र सरकार को भेज दिए हैं। इसमें भारत के पड़ोसी देश-पाकिस्तान, नेपाल, तिब्बत, अफगानिस्तान के साथ ही इटली, फिलीपींस, केन्या, कनाडा के साथ ही चीन के लोग भी शामिल हैं। अपने देश की नागरिकता छोड़ने की लोगों के पास कई वजहें हैं।

पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आवेदन करने वालों में वहां के हिंदू शरणार्थी शामिल हैं, जो लंबे समय से देहरादून में ही टिके हुए हैं और अब वापस नहीं जाना चाहते। जबकि अन्य मामले ऐसे हैं जिसमें भारतीय नागरिक से शादी के चलते दूसरा पक्ष भी भारतीय नागरिकता चाहता है। देहरादून के अपर जिला अधिकारी अरविंद पांडेय के मुताबिक ऐसे मामलों में सभी रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी जाती है। केंद्र सरकार द्वारा ही नागरिकता देने-ना देने पर अंतिम तौर पर विचार होता है।

कई लोगों को मिली भारत की नागरिकता 

इस साल देहरादून जिले में रह रहे डेढ़ दर्जन से अधिक विदेशी नागरिकों को भारतीय नागरिकता मिल चुकी है। इसमें ज्यादातर पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदू और सिख शरणार्थी हैं। इसमें कुछ लोग तो बीते 20 से 25 साल से भारत में ही रह रहे हैं। तब से उनकी भारतीय नागरिकता संबंधित आवेदन लंबित था, जिस पर अब जाकर बात बन पाई है। सूत्रों के अनुसार केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का काम तेज हुआ है। 

किस देश से कितने आवेदन 

पाकिस्तान 50, अफगानिस्तान 08, तिब्बत 02, नेपाल 03, इटली 01, फिलीपींस 01, केन्या 01, चीन 01, कनाडा 01

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