पीएम “MODI” के ग्लाेबल याेगा प्राैजेक्ट पर पलीता लगा रहा बदहाल” विष्णु याेगध्यान सेंटर

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चमाेली:जाेशीमठ,पीएम “माेदी” के ग्लाेबल याेगा प्राैजेक्ट पर पलीता लगा रहा बदहाल” विष्णु याेगध्यान सेंटर,…..प्रदेश के सीमांत तीर्थाटन एंव पर्यटन नगरी जाेशीमठ काे “आध्यात्मिक पर्यटन” से जाेड पर्यटन काे बढावा देने के उदेश्य से माेक्स धाम विष्णुप्रयाग संगम के समीप केंन्द्रीय पर्यटन मन्त्रालय द्वारा वित्त पाेषित आधुनिक याेगध्यान सेंटर का निर्माण किया गया है लाखाें रुपयाें की भारी भरकम धनराशि खर्च हाेने के बाद करीब ३सालाें से यह याेग ध्यान सेंटर बनकर तैयार है,लेकिन प्रदेश सरकार की लापरवाही कहें या इसे हैंडओवर करने वाली संस्था की काेई मजबूरी कहें इस सेंटर पर आज भी ताला जडा हुआ है, एक तरफ जहां पीएम माेदी जी विश्व में याेगा काे अन्तराष्ट्रीय पहचान दिलाने की जी ताेड काेशिश पर है ताे वहीं छेत्र में प्रशासन की पर्यटन के प्रति इस तरह की लापरवाही देखने काे मिल रही है,ऐसे में पर्यटन विकास कैसे सम्भव है,यही नही इसके निर्माण में फिलीपींस से आयात मंहगी लकडियाें काे लगाया गया है जाे अब धीरे धीरे बिन रखरखाव बर्बाद हाेने लगी है,बदरीनाथ धाम की यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियाें सहित वैली की सैर करने आने वाले हजाराे देशी विदेशी सैलानियाें काे कुछ देर के लिये विष्णुपुरी के इस आध्यात्मय सेंटर पहुचकर मेडिटेशन की ईच्छा हाेती है,लेकिन इस आध्यात्मिक सेंटर पर ताला देख निराशा हाथ लग रही है,बता दें कि इस याेगा सेंटर के लिये फिलीपींस देश की बेशकीमती लकडिया आयात कर भव्य डिजाईन और आलाेकिक अनुभूति का अनुभव देने के लिये संगम के मध्य इस सेंटर का निर्माण हुआ है,लेकिन विभागीय लापरवाही का शिकार लाखाें रुपये की लागत से बना ये सेंटर बिना उद्घाटन के ही बदहाली के कगार पर चला गया है, देव पुजाई संमिति जाेशीमठ के अनिल नम्बूरी का कहना है कि पर्यटन विभाग काे यह साेचना चाहिये कि पर्यटन की परिसंम्पतियां छेत्र में इस तरह बर्बाद हाे रही है,बिना उदेश्य के और इस सेंटर काे बनाकर आखिर क्याें सरकार नें पैसा बर्बाद किया,जब सालाें से ये एेसा ही बदहाल पडा है, विदेशी लकडियाें का हाल इस याेगध्यान सेंटर में आकर देख लें सब बेशकीमती लकडियां सड़नें लगी है,केंन्द्र सरकार के पैसाे का दुरपयाेग प्रदेश सरकार द्वारा यहां किस ढंग से हुआ है,जल्द इस याेगा सेंटर काे खाेला नही गया ये वीरान सेंटर पूरी तरह बर्बाद हाे जायेगा,

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