फर्जी एडमिशन पकड़ में आया तो होगा मुकदमा दर्ज

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फर्जी एडमिशन पकड़ में आया तो होगा मुकदमा दर्ज

-डीएवी में अगले सत्र से एडमिशन की होगी ऑनलाइन जांच
– कॉलेज में फर्जी एडमिशन मामले में कॉलेज प्रशासन गंभीर
– सभी दस्तावेजों की होगी जांच
प्रदेश  के सबसे बड़े डीएवी कालेज में हाल ही में हुए 18 फर्जी एडमिशन के बाद कॉलेज प्रशासन गंभीर हो गया है। अगले सत्र सेे एडमिशन में फर्जीवाड़ा संभव नहीं होगा। इतना ही नहीं कॉलेज प्रशासन एडमिशन कराने वालों छात्रों के एकेडमिक दस्तावेजों की जांच भी करेगा। कॉलेज में भले ही अब तक फर्जी एडमिशन का दौर रुक नहीं रहा हो, लेकिन अगले सत्र से एडमिशन को लेकर कॉलेज प्रशासन ने गंभीरता से कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।
एडमिशन प्रक्रिया में होगा बदलाव
गौरतलब है कि गत दिनों कॉलेज में लॉ के प्रथम सेमेस्टर मेें डेढ़ दर्जन एडमिशन फर्जी पाए जाने के मामले को लेकर जांच कमेटी द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद फर्जीवाड़े के मामले में मुकदमा भी दर्ज कराया।
हालांकि मेरिट आधार पर एडमिशन और प्रक्रिया ऑनलाइन होने के बाद भी फर्जीवाड़े का मामला सामने आने से कॉलेज प्रशासन सकते में है। यही कारण है कि भविष्य में इस तरह के फर्जीवाड़े पर रोक लगाने को लेकर कॉलेज प्रशासन एडमिशन प्रक्रिया में बदलाव करने जा रहा है। इस क्रम में अगले सत्र में एडमिशन लेने वाले छात्रों को एडमिशन सम्बंधित दस्तावेजों को ऑनलाइन करना होगा। यदि ऑनलाइन जांच में एडमिशन वैरिफाई नहीं होता है तो ऐसे में कॉलेज दस्तावजों को संबंधित संस्थानों से वेरिफाई कराने का काम करेगा।
फर्जीवाड़े का कारण कोटे की सीटें
एडमिशन मेरिट आधार पर होने से मेरिट में वेटेज हासिल करने के लिए फर्जी सर्टिफिकेट्स लगाए जाते हैं जिससे मेरिट में जगह बनाना आसान हो सके। कॉलेज प्रशासन भी इस बात को मान रहा है। राष्ट्रीय स्तर तक के खेल प्रमाणपत्र से लेकर चरित्र प्रमाण पत्र फर्जी बनाकर कॉलेज में जमा कराए जाते हैं। मामलों में कोई जांच न होने से मेरिट प्रक्रिया के बाद भी फर्जी एडमिशन करा दिए जाते हैं। ऐसे मामलों पर लगाम लगाने के मकसद से अब कॉलेज सभी प्रकार के दस्तावेजों को ऑनलाइन सत्यापन करेगा। इसके अलावा गड़बड़ी की शंका पर कॉलेज संबंधित संस्थानों से भी संपर्क साधने का काम करेगा। यदि र्जीवाड़ा पकड़ में आता है तो आरोपी छात्र के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
-बयान:  भसीन
एडमिशन फर्जीवाड़े के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। 18 फर्जी मामले सामने आने के बाद इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि बाकी संकायों में एडमिशन गलत तरीके से नहीं किए गए हैं। ऐसे में अगले सेशन से कॉलेज फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए ऑनलाइन वेरिफिकेशन प्रोसेस लागू करेगा। हर छात्र का चरित्र प्रमाण पत्र व कोटे के लिए मुहैया कराए जाने वाले अन्य दस्तावेजों को वेरिफाई करने के बाद ही एडमिशन दिया जाएगा।

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